गोबर खाद और गहरी जुताई का कमाल, खेत बनेंगे सोना उगलने वाले

नई दिल्ली 20-Jun-2026 12:58 PM

गोबर खाद और गहरी जुताई का कमाल, खेत बनेंगे सोना उगलने वाले

(सभी तस्वीरें- हलधर)

गोबर खाद डालकर खेत की करें गहरी जुताई

इन दिनों किसान खरीफ फसल बुवाई के लिए खेत तैयार करने में जुटे है। गोबर की खाद डालकर खेत की गहरी जुताई करने से फसलों की पैदावार बढ़ती है। साथ ही, गहरी जुताई से खेत में वर्षा के पानी की जलग्रहण क्षमता में वृद्धि होती है। खरपतवारों का प्रकोप भी कम होता है। जिससे फसल और खरपतवार प्रतियोगिता कम होती है। गोबर की खाद देने से जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलता है। जिससे पर्यावरण प्रदूषण भी कम होता है।

ऐसे है फायदेमंद

गोबर की खाद में लगभग 0.5 प्रतिशत नाइट्रोजन, 0.25 प्रतिशत फास्फोरस और 0.5 प्रतिशत पोटेशियम की मात्रा पाई जाती है। गोबर की खाद एक बार खेत में डालने पर फसल को 3-4 वर्ष तक पोषक तत्व उपलब्ध होते रहते हैं। अच्छी तरह से सड़ी गली हुई गोबर की खाद का ही खेत में प्रयोग करना चाहिए। गोबर की खाद डालने से मृदा में जैविक कार्बन की मात्रा भी बढ़ती है। जिससे मृदा की भौतिक और रासायनिक संरचना में भी सुधार होता है

कच्ची खाद का नहीं करें उपयोग

कच्ची खाद नहीं डालनी चाहिए। कच्ची खाद डालने से खेत में दीमक रोग कारक और खरपतवार उत्पन्न हो जाते हैं। जो फसल को नुकसान पहुंचाते हैं।

यह है जुताई के लाभ

गहरी जुताई करने से मिट्टी तेज धूप में तपती है। जिसके कारण जमीन के अंदर उपस्थित कीट पतंगे रोगकारक नष्ट हो जाते है । गहरी जुताई से मिट्टी की कठोर सतह को तोड़ती है जिससे मिट्टी भुरभुरी हो जाती हैं। इससे बीज अंकुरण क्षमता बढ़ती है। गहरी जुताई खेत के ढाल के विपरीत दिशा में करनी चाहिए। ताकि, बरसात के समय मृदा अपरदन की समस्या से निजात मिल सके। जुताई करने से मृदा नीचे से ऊपर की ओर आती हैं और नवीन मृदा का निर्माण करती हैं जो अधिक उपजाऊ होती है। गहरी जुताई डिस्क प्लाऊ, मोल्ड बोल्ड हल से 7-9 इंच तक की जा सकती हैं जिससे खेत का पानी खेत में ही रुका रहे।

 


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