मूंगफली में समेकित नाशीजीव प्रबंधन से बचाएं फसल, बढ़ाएं उत्पादन 

नई दिल्ली 21-Jul-2026 04:58 PM

मूंगफली में समेकित नाशीजीव प्रबंधन से बचाएं फसल, बढ़ाएं उत्पादन 

(सभी तस्वीरें- हलधर)

मूंगफली मृदा में नाइट्रोजन वृद्धि करने वाली लेग्युमिनेस कुल की फसल है। यह खरीफ और जायद रबी मौसम में उगायी जाने वाली महत्वपूर्ण तिलहनी फसल हैं। इसमें विटामिन इ, बी, और बी-2 भी प्रचुर मात्रा में होता है। लेकिन, इस फसल को दीमक, सफेदलट, चेपा, तेला, थ्रिप्स आदि कीट और पछेती पर्ण चित्ती, स्तंभमूलसंधि विगलन, शुष्क जड़ विगलन, तना विगलन और किट्ट रोग नुकसान पहुंचाते है। समय पर कीट-रोग का समन्वित प्रबंधन नहीं किए जाने की अवस्था में आर्थिक नुकसान किसान को उठाना होता है।

फसल वृद्धि - फूल आने पर

  • फसल की छोटी अवस्था में कीड़े दिखने पर प्रतिशत नीम बीज के सत के घोल का छिड़काव करें।

  • सफेद लट प्रबंधन के लिए मानसून शुरू होते ही उसे आश्रय देने वाले पेड़ों जैसे कि खेजड़ी, बेर, नीम, अमरूद और आम की कटाई-छंटाई करें। उन पर आवश्यकतानुसार कार्वोलिक 2 मिली अथवा क्यूनालफॉस 2 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर शाम के समय छिड़काव करें। साथ ही, मिथॉक्सी बेंजीन दवा में भीगे स्पंज के 3-4 टुकड़ों को पेड़ पर लटका दें।

  • खेत में परभक्षी चिड़ियों के बैठने के लिए टी के आकार की प्रति हैक्ट दस लकड़ी की खप्पचियों को लगायें।

  • अगेती पर्ण चित्ती, पछेती पर्ण चित्ती, स्तंभमूलसंधि विगलन रोग का संक्रमण होने पर आवश्यकतानुसार कार्बेन्डाजिम 0.05 प्रतिशत + मैनकोजेब 0.2 प्रतिशत का छिड़काव करें। इसके लिए आधा ग्राम कार्बेन्डाजिम और 2 ग्राम मैनकोजेब को प्रति लीटर पानी में मिलाकर घोल बनायें। फसल बुवाई के 45 दिन और 60 दिन बाद छिड़काव करें।

  • हेलिकोवरपा और स्पोडोप्टेरा की निगरानी करने के लिए फेरोमैन ट्रैप 5 प्रति हैक्टर लगायें।

  • हेलिकोवरपा, बालों वाली रंग की सूंडी के वयस्क कीट, स्पोडोप्टेरा के नर और मादा कीटों को पकड़ने के लिए लाइट ट्रैप का उपयोग करें। किसान प्रति हैक्टयर एक ट्रैप लगाएं।


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