तरबूज-खरबूज की फसल में एफिड का खतरा, किसान ऐसे करें नियंत्रण
(सभी तस्वीरें- हलधर)गर्मी के मौसम में उगाई जाने वाली तरबूज और खरबूज की फसल में एफिड (Aphid) कीट का प्रकोप किसानों के लिए बड़ी समस्या बन सकता है। यह एक रस चूसने वाला कीट है, जो पौधों की कोमल पत्तियों और टहनियों से रस चूसकर उन्हें कमजोर कर देता है। इसके कारण पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है और उत्पादन पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
एफिड प्रकोप के लक्षण कैसे पहचानें
एफिड के प्रकोप से प्रभावित पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और धीरे-धीरे सूखकर गिरने लगती हैं। कई बार पत्तियों पर चिपचिपा पदार्थ भी दिखाई देता है, जिससे पौधे की प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया प्रभावित होती है। यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया जाए तो यह कीट तेजी से फैलकर पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकता है।
किसान ऐसे करें प्रभावी नियंत्रण
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार एफिड की रोकथाम के लिए किसानों को थायमेथोक्साम (Thiamethoxam) 5 ग्राम को 15 लीटर पानी में घोलकर फसल पर छिड़काव करना चाहिए। समय पर सही दवा का प्रयोग करने से कीट का प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है और फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
फसल की नियमित रखें निगरानी
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे फसल की नियमित निगरानी करते रहें और प्रारंभिक अवस्था में ही कीट नियंत्रण के उपाय अपनाएं। इससे फसल स्वस्थ रहती है और तरबूज-खरबूज का बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।