पशुपालन मंत्री का सख्त एक्शन: समीक्षा बैठक में अनुपस्थित अधिकारी निलंबित

नई दिल्ली 30-May-2026 01:43 PM

पशुपालन मंत्री का सख्त एक्शन: समीक्षा बैठक में अनुपस्थित अधिकारी निलंबित

(सभी तस्वीरें- हलधर)

पशुपालकों और किसानों के आर्थिक उत्थान को लेकर सरकार गंभीर, मंत्री ने दिए सख्त निर्देश । पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने पशुपालन विभाग की दौसा में  उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में योजनाओं, गोवंश संरक्षण और पशुधन विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों और किसानों के आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति पर विशेष जोर
बैठक में मंत्री ने विभागीय योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालन क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड विजिट बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

गोवंश संरक्षण और संवर्धन कार्यों में ढिलाई पर नाराजगी
समीक्षा के दौरान गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि गौशालाओं के संचालन, पशु स्वास्थ्य सेवाओं और संरक्षण योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम देने के निर्देश दिए।

अनुपस्थित उपनिदेशक निलंबित, संयुक्त निदेशक एपीओ
बैठक में सख्त प्रशासनिक कार्रवाई भी देखने को मिली। समीक्षा बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले एक उपनिदेशक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर एक संयुक्त निदेशक को एपीओ (Awaiting Posting Orders) किया गया।

मंत्री का स्पष्ट संदेश: जवाबदेही तय होगी
जोराराम कुमावत ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पशुपालकों और किसानों की आय बढ़ाना है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, जबकि लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।दौसा की इस समीक्षा बैठक ने साफ कर दिया है कि पशुपालन विभाग में अब परिणाम आधारित कार्य संस्कृति को प्राथमिकता दी जाएगी।


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