खाद की ‘काली कमाई’ पर नजर, कृषि विभाग ने तेज किया जांच अभियान
(सभी तस्वीरें- हलधर)जालोर। रबी सीजन 2026-27 में किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी-जमाखोरी रोकने के लिए कृषि विभाग ने जिले में सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। विभागीय टीमों ने उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक का भौतिक स्टॉक से मिलान किया। राज एग्री क्यू.सी. एप के जरिए ऑनलाइन निरीक्षण भी किया गया।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया कि बागोड़ा, सायला, जीवाणा, भीनमाल, रानीवाड़ा, आहोर और भाद्राजून क्षेत्र में विभागीय अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान स्टॉक व बिक्री रजिस्टर, गोदाम में उपलब्ध उर्वरक, पॉस मशीन से बिक्री और किसानों को दिए जा रहे बिलों की जांच की गई।
टीमों ने निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने, उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री यानी टैगिंग और यूरिया के गैर-कृषि उपयोग के लिए विक्रय पर भी निगरानी रखी। मामूली कमियां मिलने पर संबंधित विक्रेताओं को मौके पर सुधार के निर्देश दिए गए।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसानों से कालाबाजारी, जमाखोरी, अधिक कीमत वसूली या टैगिंग की शिकायत नजदीकी कृषि अधिकारी अथवा कृषि पर्यवेक्षक को देने की अपील की गई है।