“खेत बचाओ अभियान” से मिलेगा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
(सभी तस्वीरें- हलधर)नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालय, ICAR तथा भूमि संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की गई। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रेरणा के अनुरूप फालतू खर्च को कम करने, ऊर्जा एवं ईंधन संरक्षण, डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने और सरकारी कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, “खेत बचाओ अभियान” के माध्यम से संतुलित खाद उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा 29 मई की खरीफ कॉन्फ्रेंस में इस विषय पर विशेष सत्र आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय मितव्ययिता, ऊर्जा संरक्षण, सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग, पारदर्शी एवं उत्तरदायी कार्यप्रणाली तथा राष्ट्रीय स्तर पर बचत सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
लिए ये फैसले
बैठक में तय हुआ कि गुवाहाटी और विशाखापट्टनम में प्रस्तावित जोनल कॉन्फ्रेंस अब वर्चुअल मोड में आयोजित की जाएंगी, जिससे न्यूनतम व्यय में राज्यों व अन्य हितधारकों के साथ प्रभावी संवाद और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही, बिजली संरक्षण, वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था, कार पूलिंग, सरकारी दौरों के व्यय में कमी तथा खाद्य तेल की अनावश्यक खपत कम करने जैसे कदमों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने अगले एक वर्ष तक विवाह जैसे अत्यावश्यक अवसरों को छोड़कर सोने की खरीदारी नहीं करने का संकल्प भी लिया, ताकि अनावश्यक उपभोग में कमी लाई जा सके और बचत व जिम्मेदार उपभोग की भावना को प्रोत्साहन मिले।