जयपुर। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढाने और कृषि में आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से कार्य कर रही है। नवाचारों को प्रोत्साहित करने से कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। इस सम्मेलन सें कृषि क्षेत्र की आवश्यकता, चुनौतियों और संभावनाओं को समझने का एक मंच मिलेगा। चौहान पश्चिमी क्षेत्रीय सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होने कहा कि कृषि भारत की रीढ है और किसान इस देश की आत्मा है। उन्होने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए तीन लक्ष्य निर्धारित किए हैं। पहला, देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, जिससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति मिले। दूसरा किसानों की आय बढाने और उनके जीवन स्तर में सुधार और तीसरा खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। इसके लिए उत्पादन वृद्धि, कृषि का विविधीकरण और एकीकृत कृषि प्रणाली जैसी पहलों के माध्यम से पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। चौहान ने कहा कि सभी राज्य मिशन मोड पर कार्य करते हुए फार्मर आईडी के तहत शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण करवाए जिससे किसानों को योजनाओं का लाभ शीघ्रता से मिल सके।
चौहान ने राज्यों को कृषि बजट के तहत आवंटित राशि का प्रभावी उपयोग और फसलों की एमएसपी पर समय से खरीद सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। ताकि, किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी राज्य विकसित कृषि संकल्प अभियान आयोजित करें । जिसमें केंद्र सरकार द्वारा पूरा सहयोग किया जाएगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि राजस्थान में कृषि की संभावनाओं को देखते हुए कृषि रोडमैप बनाने की पहल की गई है। केंद्र सरकार राज्य के इस रोडमैप को और सुदृढ बनाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों की टीम भेजकर सहयोग प्रदान करेगी, ताकि प्रदेश में कृषि विकास को और गति मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आगामी समय में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें भी केंद्र सरकार विशेषज्ञों, अधिकारी और वैज्ञानिकों की टीम भेजेगी।
सम्मेलन को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार 23 मई से ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026’ का आयोजन करने जा रही है। इसमें देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और तकनीकी जानकारों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि किसान देश की नींव हैं और देश का विकास गांव की पगडंडियों, खेत-खलियानों से होगा। उन्होंने संवेदनशीलता के साथ किसान हित में निर्णय लेते हुए पीएम किसान सम्मान निधि को बढ़ाया। प्रदेश में हमारी सरकार ने इसमें 3 हजार रुपये और जोड़क़र इसे 9 हजार रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को कृषि निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में ग्राम महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन, जल प्रबंधन, फसल सुरक्षा, डिजिटल कृषि, प्राकृतिक खेती और किसानों की आय बढाने जैसे विषयों पर होने वाली चर्चा देशभर के विशेष तौर पर राजस्थान के किसानों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी । उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार किसान हितों के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमने विकसित राजस्थान 2047 की कार्य योजना तैयार की है जिसके तहत फसल श्रेणी वार लक्ष्यों का निर्धारण किया है। उन्होंने कृषि के साथ पशुपालन को जोड़ने पर विशेष बल दिया । ताकि प्राकृतिक खाद की उपलब्धता बढे और लागत में कमी लाकर किसानों की आय को बढाया जा सके |
सम्मेलन में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, मध्य प्रदेश के कृषि ऐदल सिंह कंसाना, गुजरात के कृषि राज्य मंत्री रमेश भाई कटारा, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय विठोबा भरणे, गोवा के सामाजिक कल्याण मंत्री सुभाष उत्तम फल देसाई, मुख्य सचिव वी.श्री निवास, केंद्रीय कृषि सचिव अतिश चंद्रा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के महानिदेशक डॉ एमएल जाट सहित केंद्र और विभिन्न राज्यों के अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।