बीटी कपास में गुलाबी सुंडी का खतरा, कृषि विभाग ने जारी एडवाइजरी

नई दिल्ली 13-Jul-2026 01:06 PM

बीटी कपास में गुलाबी सुंडी का खतरा, कृषि विभाग ने जारी एडवाइजरी

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। कृषि विभाग ने कपास उत्पादक किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिसमें गुलाबी सुंडी प्रबंधन को लेकर किसानों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि किसान खेत और उसके आसपास के खरपतवार नष्ट करें। फसल के शुरुआती चरण में नीचे गिरे रोजेटी फूल, फूल डोडी, प्रभावित टिंडों को इकट्ठा करें। इन्हें तुरंत नष्ट कर दें।

लगाएं फेरोमोन ट्रेप

बिजाई के 40 से 50 दिन बाद प्रति एकड़ दो फेरोमोन ट्रेप लगाएं। यदि लगातार तीन दिन तक ट्रेप में 5-8 पतंगे आएं अथवा 100 फूलों में से 5-10 फूल बंद (रोजेटी) दिखाई दें अथवा 20 हरे टिंडों को खोलने पर 1-2 में सुंडी मिले तो तुरंत कीटनाशक का छिडक़ाव शुरू करें।

ऐसे करें कीटनाशकों का छिडक़ाव 

विभाग ने प्रति बीघा 100 लीटर पानी के घोल के हिसाब से कई दवाओं की सिफारिश की है। 60 दिन की फसल होने पर नीम का तेल (5 मिली) अथवा एनएसकेई 5 प्रतिशत (50 मिली) को 1 ग्राम कपड़े धोने के पाउडर के साथ प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिडक़ाव करें। 61 से 120 दिन की फसल होने पर इमामेक्टिन बेंजोएट 5 एसजी (50 ग्राम), प्रोफेनोफास 50 ईसी (200 मिली), अथवा क्लोरोपाइरीफॉस 20 ईसी (400 मिली) का उपयोग करें। 121 से 150 दिन की फसल होने पर इथियोन 50 ईसी (300 मिली), फेनवलेरेट 20 ईसी (100 मिली) या साइपरमेथ्रिन 10 ईसी (100 मिली) का छिडक़ाव करें।


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