एआई को लेकर कृषि विभाग का 'वाधवानी एआई से एमओयू
(सभी तस्वीरें- हलधर)किसानों की आय बढ़ाने और पूरी कृषि वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में कृषि विभाग ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।कृषि विभाग ने देश के प्रतिष्ठित नॉट-फॉर-प्रॉफ़िट संस्थान 'लॉर्ड्स एजुकेशन एंड हेल्थ सोसाइटी' के साथ एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किया है।इस अवसर पर कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में कई बड़े नवाचार कर रही है। एग्री-स्टैक' योजना के तहत प्रदेश के लगभग 95 लाख किसानों की डिजिटल 'फार्मर आईडी' बनाई जा चुकी है। यह फार्मर आईडी केवल एक नंबर नहीं है, बल्कि इसमें किसान के खसरा नंबर, भूमि विवरण और आधार नंबर सहित पूरी क्रेडेंशियल्स दर्ज हैं। इसके माध्यम से आगामी फसल बीमा और एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली के तहत यूरिया वितरण जैसी व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाकर इसके दुरुपयोग को पूरी तरह रोका जा सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के अनुरूप एआई-बेस्ड मॉडल्स और 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना की दिशा में यह एमओयू मील का पत्थर साबित होगा। इस साझेदारी के तहत 'वाधवानी एआई' आगामी 3 वर्षों के लिए राज्य सरकार का निःशुल्क तकनीकी भागीदार बनकर कार्य करेगा, जिससे राजकोष पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। इस तकनीक से फील्ड स्तर पर सूचना तंत्र सुदृढ़ होगा और अंतिम छोर पर बैठे किसान तक कृषि सेवाओं को प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकेगा। समझौते के तहत इस अवसर पर कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
चार एआई मॉडल पर होगा काम