ग्रीन टी को चाय कहना अपराध, FSSAI के नए सख्त नियम

नई दिल्ली 01-Jan-2026 05:38 PM

ग्रीन टी को चाय कहना अपराध, FSSAI के नए सख्त नियम

(सभी तस्वीरें- हलधर)

नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई ) ने एक स्पष्टीकरण जारी किया, जिसमें कहा गया है कि किसी भी पेय को चाय तभी कहा जा सकता है जब वह कैमेलिया साइनेंसिस पौधे से बना हो। एक पोस्ट में एफएसएसएआई ने लिखा है, सिर्फ कैमेलिया साइनेंसिस से बने ड्रिंक्स, जिनमें कांगड़ा चाय, ग्रीन टी और इंस्टेंट टी शामिल हैं, उन्हें ही चाय के रूप में लेबल किया जा सकता है। दूसरे हर्बल अथवा पौधों से बने इन्फ्यूजन (प्रोडक्ट) के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करना गुमराह करने वाला है और यह मिसब्रांडिंग माना जाएगा। 

चाय के नाम पर फर्जीवाड़ा

भारत में बड़े या छोटे चाय बागानों में, पारंपरिक रूप से कैमेलिया साइनेंसिस पौधे की पत्तियों से दानेदार या सूखी पत्तियों के रूप में चाय बनाई जाती है. बागान के मजदूर आमतौर पर पौधे की टहनियों से दो पत्तियां और एक कली (नई कोपल का बिना खुला, मुलायम सिरा) तोड़ते हैं।

चाय शब्द का उपयोग भ्रामक

इसलिए, कैमेलिया साइनेंसिस से मिलने वाले किसी भी अन्य पौधे-आधारित या हर्बल इन्फ्यूजन या मिश्रण के लिए सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से चाय शब्द का उपयोग करना भ्रामक है और खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 और उसके तहत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के तहत गलत ब्रांडिंग माना जाएगा। 

सख्त कार्रवाई का निर्देश

फूड सेफ्टी रेगुलेटर ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के फूड सेफ्टी कमिश्नरों के साथ-साथ स्नस्स््रढ्ढ के रीजनल डायरेक्टर्स से भी चाय की परिभाषा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और पालन न करने पर जरूरी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। 


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