किसानों का यूरिया फैक्ट्रियों में खपाने का खेल पकड़ा, हजारों बैग जब्त
किसानों का यूरिया फैक्ट्रियों में खपाने का खेल पकड़ा, हजारों बैग जब्त
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। कृषि मंत्री डॉ. किरोडीलाल के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने राजधानी के मुहाना मंडी क्षेत्र में छापामारी कर अवैध यूरिया की भारी खेप बरामद की है। यहां पर अनुदानित यूरिया का उपयोग कर डेफ (डीजल एक्जास्ट फ्लूड) तैयार किया जा रहा था। बता दें कि डेफ का उपयोग डीजल गाडिय़ों में होता है। इस कार्रवाई को कृषि विभाग की तीन अलग-अलग टीमों ने अंजाम दिया। टीम ने यूरिया जब्ती और नमूना आहरण की कार्यवाही करते हुए मौके से एचयूआरएल कंपनी के 1हजार 154 यूरिया के भरे हुए कट्टे और 821 खाली बैग जब्त किये है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस में मामला दर्ज नहीं हुआ था। जानकारी के अनुसार कृषि विभाग की टीम में संयुक्त निदेशक केके मंगल, उपनिदेशक आत्मा किशनलाल नागा, सहायक निदेशक सांगानेर अरविंद जांगिड़ और कृषि अधिकारी जितेन्द्र सिंह, सुनीता शर्मा और निर्मला जाजोरिया शामिल रहे।
1104 बैग का भंड़ारण
मुहाना गांव के हवालों की ढाणी में 1 हजार 104 अनुदानित यूरिया के कट्टे दिनेश पुत्र राधेश्याम शर्मा गांव मुहाना से जब्त कर ग्राम सेवा सहकारी समिति मुहाना को सुपुर्द किया गया है। कपूरावाला मे एबीआई पेट्रोसाइन कम्पनी से 50 यूरिया बैग जब्त कर ग्राम सेवा सहकारी समिति कपूरावाला को सुपुर्द किया गया है।
बैग पर कीमत 2189.50 रूपए
जब्त की गई यूरिया के प्रत्येक कट्टे की कीमत 2189.50 रूपए है। जिस पर 1923 रूपए का सरकारी अनुदान है और किसानों को 266.50 रुपए में दिया जाता है। यह प्रकरण यूरिया डाईवर्जन का है जिसमें अनुदानित यूरिया का औद्योगिक उपयोग प्रतिबंधित है। उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के सेक्सन 25 के तहत दंडनीय अपराध है। उद्योगों में उपयोग केलिए बिना अनुदान का तकनीकी ग्रेड यूरिया काम में लिया जा सकता है।
फिर चलेगा सघन अभियान
कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने बताया कि अनुदानित यूरिया का डेफ , कलर पेंट, प्लाईवूड, पुश आहार आदि फैक्ट्रियों में दुरूपयोग रोकने केलिए राज्य स्तर पर शीघ्र ही सघन निरीक्षण अभियान चलाया जायेगा
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