मिर्च के पौधों में पीलापन करेगा बड़ा नुकसान, किसान तुरंत करें ये नियंत्रण उपाय

नई दिल्ली 14-Mar-2026 01:24 PM

मिर्च के पौधों में पीलापन करेगा बड़ा नुकसान, किसान तुरंत करें ये नियंत्रण उपाय

(सभी तस्वीरें- हलधर)

कई क्षेत्रों में किसानों की मिर्च फसल में पत्तियों के पीले पड़ने और पौधों के कमजोर होने की समस्या सामने आ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह समस्या पादप वृद्धि नियामक (Plant Growth Regulator) के अधिक स्प्रे के कारण दिखाई दे रही है। अधिक मात्रा में स्प्रे करने से पौधों की सामान्य वृद्धि प्रभावित हो जाती है और पत्तियों का आकार भी बदलने लगता है।

पत्तियों का कप के आकार में मुड़ना मुख्य संकेत

मिर्च के पौधों में इस समस्या के दौरान पत्तियां कप के आकार में मुड़ती हुई दिखाई देती हैं। इसके साथ ही पौधों में पीलापन बढ़ने लगता है और पौधे कमजोर होने लगते हैं। इससे पौधों की वृद्धि रुक सकती है और उत्पादन पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

एन्थ्रेकनोज रोग के भी दिख रहे लक्षण

कई मामलों में मिर्च की पत्तियों पर काले धब्बे भी दिखाई देते हैं, जो एन्थ्रेकनोज रोग के लक्षण हो सकते हैं। यह रोग फफूंद के कारण फैलता है और समय पर नियंत्रण नहीं किया जाए तो पौधों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

रोग नियंत्रण के वैज्ञानिक उपाय

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समस्या के नियंत्रण के लिए किसानों को कॉपर सल्फेट 3 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर स्प्रे करना चाहिए। इससे एन्थ्रेकनोज रोग पर नियंत्रण मिलता है और पौधों में पीलापन की समस्या भी धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसके साथ ही किसानों को सलाह दी जाती है कि पादप वृद्धि नियामक का प्रयोग संतुलित मात्रा में करें और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार ही स्प्रे करें, ताकि फसल को अनावश्यक नुकसान से बचाया जा सके।

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