तेज सर्दी का कहर: आलू-टमाटर की फसल पर बड़ा खतरा

नई दिल्ली 13-Jan-2026 03:47 PM

तेज सर्दी का कहर: आलू-टमाटर की फसल पर बड़ा खतरा

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। मौसम की उठापटक और तेज सर्दी के चलते टमाटर-आलू की फसल में लेट ब्लाइट (पछेती झुलसा) का प्रकोप होने की संभावना है। यह फंगल संक्रमण तेजी से फैलता है और टमाटर-आलू की पूरी फसल को बर्बाद कर सकता है। इसलिए टमाटर की खेती करने वाले किसान भाइयों के लिए यह आवश्यक है कि वे इस बीमारी से बचाव के उपायों को अपनाएं। कृषि अनुसंधान केन्द्र, कोटा के पौध संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. डीएल यादव ने बताया कि रात का तापमान कम और दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से कम और आद्र्रता 85 से 95 प्रतिशत होने से आलू-टमाटर में झुलसा रोग की संभावना तेज हो जाती है। लेट ब्लाइट एक फंगल रोग है, जो ‘फाइटोफ्थोरा इंफेस्टेंस’ नामक फंगस के कारण होता है। यह बीमारी पौधों की पत्तियों, तनों और फलों पर काले धब्बे पैदा करती है, जो तेजी से फैलकर पूरे पौधे को नुकसान पहुंचा सकती है।  इस बीमारी के फैलने के लिए नम और ठंडी जलवायु आदर्श होती है।

लेट ब्लाइट के लक्षण

पत्तियों के किनारों पर पानी से सने हुए धब्बे दिखाई देने लगते हैं, जो धीरे-धीरे भूरे- काले रंग के हो जाते हैं। तनों पर भी काले धब्बे दिखाई देने लगते हैं, जो पौधे के जीवित रहने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को अवरुद्ध कर देते हैं। टमाटर के फलों पर काले, चमकदार धब्बे दिखाई देने लगते हैं, जो फलों को सडऩे और बर्बाद होने का कारण बनते हैं। कंदों अथवा फल का आकार भी छोटा रह जाता है।

यह करें किसान

रोकथाम के लिए मैंनकोजेब 75 प्रतिशत डब्ल्यू पी 2.5 ग्राम प्रति लीटर का घोल बनाकर छिडक़ाव करें। जहां फसल मेें रोग के शुरूआती लक्षण नजर आ रहे है वहां पर   साइमौक्सनिल+मैंनकोजेब 20 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडक़ाव करें।


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