बफर स्टॉक की 'खुशी' किसानों का 'गम'!
(सभी तस्वीरें- हलधर)देश के सरकारी गोदाम इस समय अनाज से लबालब भरे हुए हैं। भारतीय खाद्य निगम (FCI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत के पास वर्तमान में तय लक्ष्य से लगभग तीन गुना अधिक गेहूं और चावल का स्टॉक मौजूद है। जहां एक तरफ यह बफर स्टॉक देश की खाद्य सुरक्षा के लिए एक मजबूत संकेत है, वहीं दूसरी ओर बाजार में फसलों की गिरती कीमतों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
आंकड़ों की नज़र में
1 अप्रैल तक, भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदामों में कुल 604.02 लाख टन अनाज मौजूद था। यह सरकार के जरिए तय किए गए बफर स्टॉक से लगभग तीन गुना ज्यादा है. सरकार ने अप्रैल के लिए 210.40 लाख टन अनाज का बफर स्टॉक लक्ष्य तय किया था। हालांकि, मौजूदा भंडारण स्तर इस आंकड़े से काफी ज्यादा हैं।
चावल और गेहूं का भरपूर स्टॉक
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, FCI के पास 386.10 लाख टन चावल मौजूद है, जबकि इसकी जरूरत 135.80 लाख टन थी। वहीं गेहूं का स्टॉक 217.92 लाख टन पहुंच गया है, जबकि तय बफर केवल 74.60 लाख टन का है। सरकार हर तीन महीने में बफर स्टॉक की सीमा तय करती है ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को राशन और दूसरी योजनाओं के तहत अनाज की कमी न हो।
खेतों में कटाई तेज, खरीद जारी
इस समय रबी सीजन की फसलों की कटाई और सरकारी खरीद दोनों तेजी से चल रही हैं। देश में गेहूं की लगभग 97 प्रतिशत फसल की कटाई पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही दालों की कटाई भी लगभग खत्म हो गई है और दूसरी तरफ धान की कटाई लगभग 59.32 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
क्यों नहीं मिल रहा MSP का फायदा?
एक तरफ सरकारी गोदाम अनाज से भरे पड़े हैं, लेकिन दूसरी तरफ किसानों को अपनी फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अधिकतर रबी फसलें MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से नीचे बिक रही है।