स्टिक छोड़ अब हल थामेंगे अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अनुराग रघुवंशी!
(सभी तस्वीरें- हलधर)अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अनुराग रघुवंशी ने किसान बनने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि हॉकी ने मुझे नई पहचान दी, कई देशों की यात्रा करवाई और कई अनुभव दिए। लेकिन, अब मन अपनी जड़ो की ओर लौटने का है। हॉकी खिलाड़ियों की नई फौज तैयार करने के साथ-साथ गांव में रहकर खेती करना है और किसानों को लाभकारी और टिकाऊ खेती से जोड़ने का काम करना है। मेरा परिवार गांव और खेती से जुड़ा हुआ है।
कोंडागांव स्थित मां दंतेश्वरी हर्बल समूह का अवलोकन करने पहुंचे रघवंशी ने कुछ ऐसे ही अनुभव डॉ. राजाराम त्रिपाठी से साझा किए। बता दें कि अनुराग ने करीब 35 अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेले हैं। उन्होंने बताया कि विदेश से कई जॉब के ऑफर मिल रहे हैं। लेकिन, मेरा मन गांव लौटकर खेती करने का है।
माटी को किया नमन
मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म का भ्रमण करने के दौरान अनुराग ने उच्च उत्पादकता वाली काली मिर्च किस्म मां दंतेश्वरी काली मिर्च-16 और शक्कर से 25 गुना अधिक मीठी प्राकृतिक स्टीविया पत्ती और हर्बल चाय के बारे में जानकारी ली। साथ ही, समूह की मुखिया दशमती नेताम और भाई शंकर नाग से फार्म गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान खिलाड़ी अनुराग ने हर्बल चाय का स्वाद भी लिया।
गांव तक पहुंचे तकनीक
रघुवंशी ने कहा कि मां दंतेश्वरी हर्बल समूह द्वारा विकसित कृषि नवाचारों को और कृषि तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
खिलाड़ियों को उचित सम्मान नहीं
उन्होंने कहा कि देश में क्रिकेट को अत्यधिक लोकप्रियता और संसाधन मिलने की वजह से हॉकी सहित कई खेलों के खिलाड़ी अपेक्षित सम्मान और अवसरों से वंचित रह जाते हैं। सभी खिलाड़ियों को भी सामाजिक सम्मान, मीडिया स्थान और संस्थागत सहयोग मिलना चाहिए। इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा।