कपास उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, 32 लाख किसानों की चमकेगी किस्मत
कपास उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, 32 लाख किसानों की चमकेगी किस्मत
(सभी तस्वीरें- हलधर)केंद्रीय कैबिनेट के देश में कपास का उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कपास उत्पादकता मिशन कपास क्रांति को मंजूरी दे दी है। यह मिशन अगले 5 साल (2026-27 से 2030-31) तक लागू किया जाएगा।
इस मिशन के लिए सरकार ने 5659.22 करोड़ रूपए खर्च करेगी। इसके साथ ही केंद्रीय कैबिनेट ने गन्ना किसानों को भी राहत देते हुए गन्ने के फेयर एंड रिम्यूनरेटिव प्राइस को बढ़ाने का ऐलान किया है।
32 लाख कपास किसानों को लाभ
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस योजना से देश के लगभग 32 लाख कपास किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही साल 2030-31 तक कपास उत्पादन बढ़ाकर 498 लाख गांठ तक पहुंचाने का भी टारगेट रखा गया है। इससे इंपोर्टेड कपास पर निर्भरता कम करने और विदेशी मुद्रा की बचत करने में भी मदद मिलेगी।
सरकार के 5-F विजन
बता दें कि, कपास कांति मिशन सरकार के 5-F विजन के तहत लागू होगा। इसका मतलब है खेत से रेशा, रेशे से कारखाने, कारखाने से फैशन और फैशन से विदेश तक। वहीं सरकार का मानना है कि इस मिशन से ना सिर्फ देश के 32 लाख किसानों को फायदा मिलेगा बल्कि इंटरनेशनल टेक्सटाइल मार्केट में भी भारत की प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी। सरकार का फोकस किसान, उद्योग और निर्यात तीनों पर है।