कृषि मंत्री किरोड़ी ने समझा इन किसानों का दर्द, अब मिलेंगे करोड़ों रुपये
कृषि मंत्री किरोड़ी ने समझा इन किसानों का दर्द, अब मिलेंगे करोड़ों रुपये
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के प्रयास से श्रीगंगानगर जिले के खजूर उत्पादक किसानों को लंबी जद्दोजहद के बाद राहत की उम्मीद नजर आई है। पौध आपूर्तिकर्ता कंपनी किसानों को प्रति पौधा 800 रूपए मुआवजा देने को तैयार हुई है। हालांकि, यह मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरे जैसा है। क्योंकि, किसानों को दो फसल और प्रति पौधा 1200 रूपए लागत का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। लेकिन, यह पहली बार है कि खजूर किसानों को मुआवजा मिल रहा है। इससे पूर्व भी वर्ष 2015-16 के दौरान श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले के किसानों को खजूर के पौधों से दगा मिला था। लेकिन, मामला आदेश और निर्देश में सिमट कर रह गया। किन्तु, इस बार कृषि मंत्री के स्पष्ट आदेश ने किसानों को राहत देने का काम किया है। श्रीगंगानगर के किसानों को 1.10 करोड़ मुआवजा जारी किया है। गौरतलब है कि श्रीगंगानगर जिले के बाद उद्यानिकी विभाग प्रदेश के 17 जिलों में आपूर्ति किए पौधों की जांच करवा रहा है।
यह है मामला
खजूर पौध आपूर्ति के लिए उद्यान विभाग ने वर्ष 2022 में मैसर्स भारतीय राष्ट्रीय निर्माण और विकास सहकारी संघ को अनुमति प्रदान की थी। इस कंपनी ने किसानो को पौधों की आपूर्ति भी दी। लेकिन, वर्ष 2024 में जब लगाए गए पौधों में फूल नहीं आए किसान विभाग तक पहुंच गए। जांच के बाद पौधें गुणवत्ताहीन पाए गए। श्रीगंगानगर में 6500 से अधिक पौधे सप्लाई हुए। इनमें से 3811 पौधे खराब निकले। जिले में 344 पौधों की पहली खेप 21 सितंबर 2022 को आई थी और कुल 18 किसानों ने 47 हैक्टयर (लगभग 200 बीघा) में इन्हें लगाया था। लेकिन, पौधे फसल तो बन गए। लेकिन, फल नहीं आए। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मुआवजा के साथ मिलेंगे पौधेें
अब हॉर्टिकल्चर विभाग ने फैसला लिया है कि प्रभावित किसानों को मुआवजा और रिप्लेसमेंट पौधे दिए जाएंगे। श्रीगंगानगर जिले के लिए 1 करोड़ 10 लाख रुपए आवंटित किए गए हैं। यहां 3 हजार पौधे आवंटित थे, जिनमें से 1700 पौधे रिप्लेस होंगे। मार्च महीने में मुआवजा किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।