पपीते की फसल में लीफ कर्ल-मोजेक का कहर !
(सभी तस्वीरें- हलधर)पत्तियां सिकुड़ रही हैं, पौधों की बढ़वार थमी — जानें बचाव के असरदार उपाय। राजस्थान के सिरोही जिले के किसान लादूराम ने पपीते की फसल में एक गंभीर समस्या की जानकारी दी है। किसान के अनुसार पौधों की पत्तियां सामान्य आकार से छोटी हो रही हैं और सिकुड़ती जा रही हैं। इससे पौधों की बढ़वार भी प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या लीफ कर्ल और मोजेक रोग के कारण हो सकती है। यह एक विषाणु जनित (वायरल) रोग है, जो तेजी से पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। रोग लगने पर नई पत्तियों में चितकबरापन, सिकुड़न और विकृति दिखाई देने लगती है। धीरे-धीरे पत्तियां लता जैसी पतली हो जाती हैं और पौधे की वृद्धि रुक जाती है।
क्या करें किसान?
सबसे पहले संक्रमित पौधों को खेत से उखाड़कर नष्ट करें।
रोग फैलाने वाले कीटों को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। डाइमिथोएट 30 EC या मिथाइल डिमेटोन 25 EC की 1 मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी में घोलकर 15 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें। यदि पौधों में फल लग चुके हैं, तो मैलाथियॉन 50 EC की 2 मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।
विशेषज्ञों की सलाह
समय पर पहचान और नियंत्रण नहीं होने पर यह रोग पूरी फसल को बर्बाद कर सकता है। किसान नियमित रूप से खेत का निरीक्षण करें और शुरुआती लक्षण दिखते ही उपचार शुरू करें।