सरकारी यूरिया में सेंध, प्लाईवुड बनाने वाले 'यूरिया माफिया' का पर्दाफाश!
सरकारी यूरिया में सेंध, प्लाईवुड बनाने वाले 'यूरिया माफिया' का पर्दाफाश!
(सभी तस्वीरें- हलधर)देश के किसानों से सबसे बड़ी लूट का खुलासा एक निजी न्यूज चैनल ने किया है। जहां उन्होंने लुटेरों को भड़ाफोड़ करते हुए बताया कि कैसे सब्सिडी वाले सरकारी यूरिया से प्लाईवुड बन रहा है। किसानों के लिए खाद की बोरी किसी सोने से कम नहीं होती उस खाद को खरीदने के लिए किसान को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये कंपनियां किसानों की सस्ती खाद कैसे चोरी करती हैं और सरकार को कैसे हजारों करोड़ का नुकसान पहुंचाती है, नहीं....तो आइए आपको बताते हैं।
हुआ भंडाफोड़
दरअसल, यूरिया का इस्तेमाल MDF और बोर्ड बनाने में किया जाता है और प्लाईवुड बनाने वाली कंपनियां यूरिया का धड़ल्ले से इस्तेमाल करती हैं. न्यूज चैनल की तरफ से इन्वेस्टिगेशन करने पर मालूम हुआ कि रात के सन्नाटे में खड़ी एक मिनी ट्रक में यूरिया भरकर तुछ पीली बोरियां रखी हुई थीं, जिन्हें प्लाईवुड फैक्ट्रियों में सप्लाई किया जाना था। प्लाईवुड कंपनियां किसानों की मिलने वाली सस्ती यूरियो को चोरी करके मुनाफा बढ़ाना चाहती हैं।
जांच में सामने आया कि यूरिया की लूट के लिए एक सप्लाई चेन बन चुकी है. जिसमें डीलरदलाल, ट्रांसपोर्टर, यूरिया फैक्ट्री, प्लाईवुड फैक्ट्रियां शामिल हैं. कैमरे में रिकॉर्ड है कि कैसे दलाल और सिस्टम की मिलीभगत से ये पूरा खेल चल रहा है। यूरिया चोरी से हर साल सरकार को लगभग 20,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है। किसानों को मिलने वाली सब्सिडी प्लाईवुड कंपनियां चुरा रही हैं और सरकार को मिलने वाली GST का नुकसान हो रहा है।