टेक्नोलॉजी से बदलेगी खेती की तस्वीर: जयपुर में होगा ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट

नई दिल्ली 27-Apr-2026 12:32 PM

टेक्नोलॉजी से बदलेगी खेती की तस्वीर: जयपुर में होगा ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 तकनीक और कृषि को जोड़ने वाला एक सशक्त मंच होगा, जो “समृद्ध किसान, समृद्ध राजस्थान और समृद्ध भारत” के निर्माण की नींव रखेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है और पानी व बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम कृषि में निवेश और नवाचार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। बेंगलुरु में आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर्स मीट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नरेंद्र मोदी के “बीज से बाजार” विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य खेती को आधुनिक, लाभदायक और तकनीक-आधारित बनाना है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और अन्नदाता समृद्ध होगा। उन्होंने बताया कि 23 से 25 मई तक जयपुर में होने वाली इस एग्रीटेक मीट में देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, स्टार्टअप्स और निवेशक शामिल होंगे। इस दौरान ड्रोन टेक्नोलॉजी, एआई, आधुनिक खेती और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों की नवीनतम तकनीकों से किसान रूबरू होंगे।

कृषि उत्पादन में राजस्थान अग्रणी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान बाजरा सहित श्री अन्न के उत्पादन में अग्रणी है। सरसों, तिलहन, जौ, ग्वार, ईसबगोल और जीरे के उत्पादन में प्रदेश पहले स्थान पर है, जबकि मेथी, लहसुन, सौंफ, धनिया, अजवायन, मूंग और मूंगफली में दूसरा स्थान रखता है। उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत कृषि क्षेत्र में हुए एमओयू का तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है।

अन्नदाता से ऊर्जादाता की ओर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों के चलते किसान अब ऊर्जादाता बन रहा है। वर्तमान में 24 जिलों में किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति मिल रही है, जिसे 2027 तक पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। उन्होंने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर और गंगनहर के सुदृढ़ीकरण सहित विभिन्न जल परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

निवेश और नवाचार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, जैविक कृषि, स्पाइस पार्क और कृषि तकनीक में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। राजस्थान टेक कंपनियों के लिए “लिविंग लैब” बन सकता है, जहां तकनीक के जरिए कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव संभव है।
कार्यक्रम में कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा सहित कई उद्योगपति, निवेशक और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।