राजस्थान में खाद की राशनिंग होगी शुरू: फार्मर आईडी से मिलेगा यूरिया-DAP

नई दिल्ली 25-May-2026 05:06 PM

राजस्थान में खाद की राशनिंग होगी शुरू: फार्मर आईडी से मिलेगा यूरिया-DAP

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। सरकार फार्मर आईडी के आधार पर यूरिया और अन्य खाद का वितरण करेगी। जिससे औद्योगिक डायवर्जन और ब्लैक मार्केटिंग रुकेगी। साथ ही, किसानों को उर्वरक लेने में दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। गौरतलब है कि कृ षि विभाग ने एक नई कवायद शुरू की है। इसके तहत श्रीगंगानगर और नागौर जिले में खाद राशनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट आगामी खरीफ सीजन से शुरू होना है। कृषि आयुक्तालय ने इसके आदेश जारी किए है। 

फार्मर आईडी बनी आधर
नई व्यवस्था के तहत किसानों को यूरिया और अन्य खाद अब सिर्फ फार्मर आईडी के आधार पर ही दिए जाएंगे। अब तक देशभर में करीब 9 करोड़ 30 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं। जबकि, सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 13 करोड़ तक पहुंचाने का है। गौरतलब है कि श्रीगंगानगर जिले में संयुक्त निदेश्क कृषि डॉ. सतीश कुमार और नागौर जिले में संयुक्त  निदेशक मोहनलाल दादरवाल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। 

नई कवायद क्यों
यूरिया की बोरी 266 रुपये और डीएपी की बोरी 1350 रुपये में ही किसानों को मिलेगी। इसके लिए हाल ही में कैबिनेट ने 41,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की है। ताकि, बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ सरकार उठाए और किसान पर भार न पड़े। सरकार का मानना है कि सब्सिडी वाला खाद कई बार दूसरे उद्योगों अथवा गैर-कृषि उपयोग में डायवर्ट हो जाता है। इसे रोकने के लिए फार्मर आईडी आधारित मॉडल विकसित किया जा रहा है, जिसके तहत हर किसान की जमीन, फसल और परिवार का डेटा एक एकीकृत आईडी से जुड़ा होगा।

यह आएगा बदलाव
फार्मर आईडी के आधार पर यह तय होगा कि कितनी जमीन और कौन सी फसल के लिए कितना खाद पर्याप्त है, ताकि किसान को कमी न हो, इसके अलावा खाद की अतिरिक्त उठाव, जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगे। 


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