राजस्थान: 11 फरवरी को खुलेंगी बजट की पोटली, घोषणाओं पर सबकी नज़र
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास में जुटी भजनलाल सरकार वर्ष 2026-27 के बजट में विभागों के बजट आवंटन में फेरबदल और कटौती कर सकती है। वित्त विभाग द्वारा बजट प्रस्तावों पर विभागाध्यक्ष स्तर की बैठकों में इस सिलसिले में विचार-विमर्श किया जा चुका है। जिसमें बजट पर कैंची चलाने के संकेत मिले है। ऐसे में आगामी बजट में सरकार की ओर से कोई बड़ी घोषणा होने की संभावना कम है। गौरतलब है कि सरकार 11 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश करेगी। सूत्रों ने बताया कि हर साल बजट से पूर्व सरकार विभागीय अधिकारियों के सुझाव लेती थी। लेकिन, इस साल सुझाव नहीं मांगे गए है। उदाहरण के तौर पर कृषि विभाग को ही ले तो संचालित परियोजनाओं में बजट कम करने की गुजाइंश सरकार देख रही है। गौरतलब है कि वित्त विभाग नए बजट का खाका तैयार करने में जुटा हुआ है।
कम खर्च वाली योजना पर जोर
सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। इस कारण पंचायत चुनावों को देखते हुए ग्रामीण मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए सरकार इससे सम्बद्ध विभागों के बजट में बढौत्तरी कर सकती है। जबकि, शेष सभी दूसरे विभागों के बजट पर कैंची चल सकती है। सूत्रों ने बताया कि नवीन मद के अंतर्गत विभागों से ऐसी योजनाओं का प्रस्ताव नहीं देने कहा गया है, जिसमें बडे बजट की आवश्यकता हो। ऐसे में मौजूदा लोक कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए दिए गए प्रस्तावों को ही मंजूरी दिए जाने की संभावना है।
सीधी घोषणा संभव
सूत्रों ने बताया कि इस साल बजट में कृषि और किसान के लिए सरकार स्तर से सीधे ही कोई घोषणा संभव है। क्योंकि, इस साल विभागों से नई योजनाओं को लेकर कोई रायमशविरा नहीं हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस साल सरकार नपा-तुला बजट पेश करेगी। बजट में नई घोषणाएं सरकार स्तर पर ही तय होगी। यानी हल्दी लगे ना फिटकरी, रंग आएं चोखा। गौरतबलब है कि इस साल केन्द्रीय बजट 2026-27 में भी पर्वतीय और तटीय कृषि पर फोकस किया गया है। ऐसे में राज्य सरकार को उन्हीं योजनाओं का बजट मिलेगा, जो प्रदेश में संचालित की जा रही है। ऐसे में किसी नई योजना की उम्मीद काफी कम है।