नैनो यूरिया फेल! रिसर्च रिपोर्ट के बाद प्रदर्शन पर ब्रेक
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। ऐसा क्या, क्यों, कैसे हुआ? लेकिन, फिलहाल कृषि विभाग को अपने आदेश पर ही यूटर्न लेना पड़ गया। इसके साथ ही नमो दीदी ड्रोन और कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के प्रभावी संचालन को भी बड़ा झटका लगा है। दरअसल, कृषि विभाग ने नैनो यूरिया और डीएपी का ड्रोन द्वारा छिडक़ाव को लेकर पूर्व में जारी आदेश वापिस ले लिया है। जानकारी के अनुसार कृषि विभाग ने 50-50 हैक्टयर में रबी-खरीफ फसल में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के प्रदर्शन आयोजित करने को लेकर गाइड़लाइन जारी की थी। साथ ही, सभी संयुक्त निदेशक को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए भी निर्देशित किया। लेकिन, फिलहाल कृषि विभाग की तैयारियों पर पानी फिर चुका है। कहा ये भी जा रहा है कृषि मंत्री के आदेश पर प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है। वहीं, विभागीय अधिकारी पर्याप्त संख्या में ड्रोन उपलब्ध नहीं होने का हवाला दें रहे है। ऐसे में नमो दीदी ड्रोन और कस्टम हायरिंग सेंटर योजना को झटका लगा है।
रिसर्च में फेल नैनो यूरिया
नैनो डीएपी को लेकर रिसर्च परिणाम समाने नहीं आए है। लेकिन, नैनो यूरिया को आईसीएआर संस्थानों ने नकार दिया है। क्योंकि, इसके छिडक़ाव से गेहूं में प्रोटीन की मात्रा घटी है। वहीं, धान सहित दूसरी फसलों के उत्पादन में भी गिरावट देखने को मिली है। जबकि, किसान शुरू से ही टैग उत्पाद के रूप में जबरन थमाई जा रही नैनो यूरिया की बोतलों का विरोध करते आ रहे है।
मंत्री ने लगाई रोक
सूत्रों ने बताया कि नैनो यूरिया के रिसर्च परिणाम सामने आने और किसानों के विरोध की स्थिति को देखते हुए कृषि मंत्री ने नैनो प्रदर्शन पर रोक लगाई है, ऐसा कहा जा रहा है। यदि ऐसा है तो प्रदेश में नैनो यूरिया और डीएपी का भविष्य अब ओझल नजर आने लगा है। यानी, इफको के दोनों उत्पादों के साथ-साथ एग्री ड्रोन के दिन लदने की शुरूआत हो चुकी है।
अनुदान बाद भी रूचि नहीं
गौरतलब है कि इस ड्रोन की कीमत लगभग 4.5 लाख से 5 लाख रुपये तक है। केंद्र सरकार इस तकनीक को प्रमोट करने के लिए इस पर अच्छी खासी सब्सिडी भी दे रही है। अगर कोई किसान प्रोड्यूस ऑर्गेनाइजेशन यानी किसान समूह इसे खरीदना है, तो उसे 75 फीसदी तक का अनुदान केंद्र सरकार की तरफ से दिया जाता है। इसके अलावा कोई कस्टम हायरिंग सेंटर और एकल किसान को भी अनुदान देय है। लेकिन, विभागीय बयान पर गौर करें तो स्पष्ट पता चलता है कि हायरिंग सेंटर और एफपीओं ड्रोन खरीद मेंं रूचि नहीं दिखा रहे है।
पर्याप्त संख्या में एग्री ड्रोन की उपलब्धता नहीं होने से फिलहाल नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के तय प्रदर्शन स्थगित किए गए है। महेन्द्र कुमार जैन, संयुक्त निदेशक कृषि (आदान)