किसानों से जुड़े इस मामले में सख्त हुई सरकार

नई दिल्ली 13-Nov-2025 05:36 PM

किसानों से जुड़े इस मामले में सख्त हुई सरकार

(सभी तस्वीरें- हलधर)

किसानों से जुड़े मामलों को लेकर केंद्र सरकार सख्ती बरतती नज़र आ रही है। सरकार देश के किसानों को समृद्ध बनाने के अपने लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए वो सभी निर्णय ले रही है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ें। इनदिनों देश के कई हिस्सों में रबी सीजन की बुवाई हो रही है, और इसके बाद किसानों को अपनी फसलों में उर्वरक डालने की जरूरत होगी। इसी को लेकर सरकार ने अभियान चलाया है। सरकार देशभर में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और सब्सिडी वाले खाद की अवैध बिक्री पर बड़ा अभियान चलाकर उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। जानकारी के अनुसार, उर्वरक विभाग ने इसी वर्ष अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच अब तक 3.17 लाख से अधिक निरीक्षण किए हैं, जिससे किसानों को खाद की निर्बाध आपूर्ति प्रभावित न हो। इस कार्रवाई के दौरान ब्लैक मार्केटिंग, जमाखोरी और डायवर्जन से जुड़े मामलों में हजारों नोटिस, लाइसेंस रद्दीकरण और एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। 

हजारों लोगों को दिए नोटिस और लाइसेंस हुए रद्द

उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और सब्सिडी खाद की अवैध बिक्री के करने वालों के खिलाफ, अभियान चलाकर अब तक अधिकारियों ने 5,119 नोटिस ब्लैक मार्केटिंग के मामलों में, 667 नोटिस जमाखोरी के लिए, और 2,991 नोटिस सब्सिडी वाले खाद के डायवर्जन के लिए जारी किए गए हैं। इन कार्रवाइयों के बाद ब्लैक मार्केटिंग मामलों में 202 लाइसेंस रद्द या निलंबित और 37 एफआईआर दर्ज हुईं। वहीं, डायवर्जन के मामलों में 451 लाइसेंस निलंबित या रद्द और 92 एफआईआर दर्ज की गईं। इस अभियान को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और राज्य सरकारों के सहयोग से चलाया जा रहा है। 

यूपी कार्रवाई में सबसे आगे, महाराष्ट्र-राजस्थान ने भी बरती सख्ती

उर्वरकों से जुड़ी कार्रवाई मामले में उत्तरप्रदेश सबसे आगे रहा, जहां 28,273 निरीक्षण किए गए और 1,957 लोगों या फर्म को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए। इसके साथ ही यूपी में 2,730 लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए और 157 एफआईआर दर्ज हुईं। वहीं, महाराष्ट्र में 42,566 निरीक्षण किए गए, जिनके बाद 1,000 से अधिक लाइसेंस डायवर्जन से संबंधित उल्लंघनों में रद्द किए गए। इधर, राजस्थान में इस दौरान कुल 11,253 निरीक्षण हुए, जबकि बिहार में लगभग 14,000 निरीक्षण और 500 से अधिक लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गईं। इनके अलावा गुजरात, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा और छत्तीसगढ़ राज्यों ने भी बड़े स्तर पर निरीक्षण कर सख्त कार्रवाई कीं।

घटिया खाद की बिक्री रोकने के लिए भी चलाया अभियान 

सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी के साथ-साथ घटिया खाद की बिक्री रोकने के लिए भी अभियान चलाया और कड़ी कार्रवाई कीं। इस दौरान घटिया खाद बनाने और बेचने वाले 3,544 डीलर या फर्म को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए, जिनमें से 1,316 लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए। वहीं, इस मामले में 60 एफआईआर भी दर्ज की गईं। ये सभी कार्रवाई उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत की गईं। सैंपलिंग और टेस्टिंग की प्रक्रिया को भी और कड़ा किया गया, ताकि किसी भी स्तर पर घटिया सामग्री आपूर्ति श्रृंखला में शामिल न हो।

किसानों और डीलरों से सरकार की अपील 

उर्वरक कालाबाजारी मामले में सरकार ने किसानों, डीलरों और सभी हितधारकों से अपील की है कि वे किसी भी अनियमितता या कालाबाजारी की तुरंत सूचना दें। केंद्र सरकार किसानों तक समय पर और गुणवत्तापूर्ण खाद पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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