सरकार ने प्रदेश के करोड़ों पशुपालकों के लिए उठाया ये बड़ा कदम

नई दिल्ली 17-Mar-2026 12:11 PM

सरकार ने प्रदेश के करोड़ों पशुपालकों के लिए उठाया ये बड़ा कदम

(सभी तस्वीरें- हलधर)

राजस्थान के पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को रामेदव गौशाला से राज्य स्तरीय खुरपका-मुंहपका (FMD) रोग नियंत्रण टीकाकरण अभियान के सातवें चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पशुधन के संरक्षण और पशुपालकों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

2 करोड़ 32 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य

पशुपालन मंत्री कुमावत ने बताया कि प्रदेश में गौ और भैंस वंशीय पशुधन को खुरपका-मुंहपका (FMD) जैसे संक्रामक रोग से बचाने के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत राज्य के सभी जिलों में करीब 2 करोड़ 32 लाख पशुओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान पशुधन की सुरक्षा और पशुपालकों की आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोर

कुमावत ने कहा कि प्रदेश में पशुधन किसानों और पशुपालकों की आजीविका का अहम आधार है। ऐसे में खुरपका-मुंहपका जैसे रोग से पशुओं को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि अपने सभी पशुओं का समय पर टीकाकरण करवाएं, ताकि पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहे और दूध उत्पादन सहित उनकी उत्पादकता में वृद्धि हो सके।

2030 तक एफएमडी मुक्त प्रदेश लक्ष्य

पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने विभागीय अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को निर्देश दिए कि टीकाकरण कार्य को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक राजस्थान को खुरपका-मुंहपका (FMD) रोग से मुक्त बनाना है और यह अभियान उस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

गौशालाओं और पशुपालकों के लिए सरकार की पहल

मंत्री कुमावत ने बताया कि राज्य सरकार ने गौशालाओं के विकास और गौवंश संरक्षण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। पिछले दो वर्षों में पात्र गौशालाओं को मिलने वाली अनुदान राशि में 25 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। साथ ही किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए भी कई प्रयास किए जा रहे हैं।

गांव-गांव जाकर होगा टीकाकरण

पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश मीणा ने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक रोग है, जिससे पशुओं की उत्पादकता घट जाती है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस रोग की रोकथाम के लिए नियमित टीकाकरण बेहद जरूरी है। अभियान के तहत पशुपालन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर विशेष शिविरों के माध्यम से पशुओं का टीकाकरण करेंगी और इसकी लगातार निगरानी भी की जाएगी।

गौवंश की पूजा कर किया टीकाकरण

कार्यक्रम के दौरान पशुपालन एवं गौपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने गौवंश की पूजा कर उन्हें चारा खिलाया और गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने टीकाकरण दल को टीकों का कैरियर भी भेंट किया। इसके बाद मौके पर ही पशु चिकित्सकों की टीम ने गौवंश का टीकाकरण कर अभियान की औपचारिक शुरुआत की।


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