सरकार की नीति पर सवाल: गेहूं की MSP खरीद पहले, सरसों-चना बाद में क्यों?

नई दिल्ली 16-Mar-2026 06:29 PM

सरकार की नीति पर सवाल: गेहूं की MSP खरीद पहले, सरसों-चना बाद में क्यों?

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। समर्थन मूल्य पर खरीद कटघरे में है। सरकार की नजर में चना-सरसों से पहले प्रदेश में गेहूं की फसल तैयार होती है। शायद, यही कारण है कि हर साल सरसों-चना उत्पादक किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाता। गौरतलब है कि सरकार ने प्रदेश के ृ18 जिलो में 25 मार्च से सरसों-चना की एमएसपी पर खरीद का ऐलान किया है। वहीं, शेष सभी दूसरे जिलों में 1 अप्रैल से खरीद शुरू की जायेगी। जबकि, प्रदेश में गेहूं की खरीद 10 मार्च से शुरू हो चुकी है। ऐसे में सरकार के कृषि विशेषज्ञों की दूरदर्शिता पर सवाल उठ खड़ा हुआ है। 

नहीं मिलता लाभ

किसानों का कहना है कि सरसों-चना की खरीद पहले शुरू होनी चाहिए। ताकि किसानों को कम दाम पर अपनी उपज नहीं बेचनी पड़ी। जो फसल पहले पककर बाजार में आए, उसकी खरीद पहले हो, जो फसल बाद में पके, उसकी खरीद बाद में हो। अभी इसके ठीक विपरीत हो रहा है। सरसों पहले पक रही है, उसकी खरीद बाद में हो रही है, गेहूं की फसल बाद में पकेगी, उसकी खरीद पहले शुरू कर दी।

एक महीने का अंतर

किसानों ने बताया कि सरसों-चना के मुकाबले गेहूं की फसल एक से सवा माह पककर तैयार होती है। ऐसे में मजबूर किसान सरसों-चना की फसल को बाजार दिखाते देर नहीं करता। क्योंकि, उसे पैसो की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि जब तक सरकारी खरीद शुरू होती है, 60=70 फीसदी फसल बाजार में पहुंच चुकी होती है। 


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