खरीफ की 14 फसलों पर बढ़ेगी MSP, मोदी कैबिनेट की बैठक में लगेगी मुहर!
(सभी तस्वीरें- हलधर)देशभर के किसानों के लिए बड़ी खुशखबर सामने आने वाली है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) 2026-27 के लिए तूर, धान, मक्का सहित 14 फसलों के बढ़े न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मुहर लगने की संभावना है। यह फैसला होने के बाद किसानों को सरकारी खरीद में MSP का लाभ सुनिश्चित होगा। इससे पिछले साल खरीफ मार्केटिंग सीजन 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने 28 मई 2025 को विभिन्न फसलों के एमएसपी में बदलाव किया था।
पिछले साल 14 फसलों के MSP में बढ़ोतरी
पिछले साल केंद्र सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2025-26 के लिए 14 फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की थी। सरकार की तरफ से जारी सूची के मुताबिक, धान (कॉमन) का MSP 2369 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-A धान का MSP 2389 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था। वहीं, मक्का का MSP 2400 रुपये, तूर/अरहर का 8000 रुपये, मूंग का 8768 रुपये और उड़द का MSP 7800 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया था।
इसके अलावा ज्वार (हाइब्रिड) का MSP 3699 रुपये, ज्वार (मालदांडी) का 3749 रुपये, बाजरा का 2775 रुपये और रागी का 4886 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था। तिलहन फसलों में मूंगफली का MSP 7263 रुपये, सूरजमुखी बीज का 7721 रुपये, सोयाबीन (पीला) का 5328 रुपये, तिल का 9846 रुपये और रामतिल/नाइजरसीड का MSP 9537 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया था। कपास (मीडियम स्टेपल) का MSP 7710 रुपये और लॉन्ग स्टेपल कपास का MSP 8110 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था।
मोटे अनाजों को बढ़ावा
केंद्र सरकार की तरफ से पिछले कुछ सालों में दलहन, तिलहन और मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों के अलावा दूसरी फसलों की खेती करने से किसानों की आय में सुधार होगा और कृषि क्षेत्र में संतुलन बनेगा। जिस वजह से इन फसलों पर अपेक्षाकृत ज्यादा एमएसपी बढ़ोतरी रुख अपनाया गया है।
सरकार के पूर्व में दिए एक बयान के मुताबिक, खरीफ फसलों की सरकारी खरीद में पिछले वर्षों के दौरान लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को सीधा फायदा मिला है।