खेती में आगे आएं महिलाएं, कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

नई दिल्ली 16-Oct-2026 12:13 PM

खेती में आगे आएं महिलाएं, कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

(सभी तस्वीरें- हलधर)

बीकानेर। कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से कृषि विभाग (आत्मा) की ओर से महिला किसान दिवस पर गुरुवार को कृषि भवन परिसर स्थित आत्मा सभागार में महिला किसान संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में नवाचारी एवं प्रगतिशील महिला किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ संवाद किया।

परियोजना निदेशक आत्मा बनवारी लाल डाबला की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में महिला किसानों से खेती की योजना और निर्णय प्रक्रिया में आगे आने का आह्वान किया गया। डाबला ने कहा कि महिलाएं कृषि संबंधी फैसलों में निर्णायक भूमिका निभाकर कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने कहा कि खेत में अंकुरित होने वाला प्रत्येक बीज केवल अन्न का वादा नहीं, बल्कि महिला किसान के श्रम, अनुभव और प्रकृति के साथ पीढ़ियों से चले आ रहे जुड़ाव का परिणाम भी है। बुवाई से कटाई, पशुपालन, बीज संरक्षण, बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण से लेकर परिवार की पोषण सुरक्षा तक महिलाओं की भूमिका कृषि की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि महिलाएं कृषि वैज्ञानिक, कृषि उद्यमी और कृषि क्षेत्र में नेतृत्वकर्ता के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकती हैं।

महिला कृषि पर्यवेक्षक सुमन बाजिया और कविता महला ने कृषि में महिलाओं की भूमिका एवं नेतृत्व पर महिला किसानों को प्रेरित किया। कृषि अनुसंधान अधिकारी अशोक साहू ने रबी फसलों की उन्नत किस्मों की जानकारी दी। सेवानिवृत्त उपनिदेशक कृषि अमर सिंह ने पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज और रबी फसल महोत्सव के बारे में बताया।

कृषि अधिकारी उद्यान रमेश भाम्भू ने कृषि एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं तथा किचन गार्डनिंग की जानकारी दी। संगोष्ठी में सहायक कृषि अधिकारी राजेंद्र पहाड़िया, देवेन्द्र सिंह, रविंद्र मीणा, सोमा देवी सहित विभागीय कार्मिक और बड़ी संख्या में प्रगतिशील महिला किसान मौजूद रहीं।


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