यूरिया की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ शासन हुआ सख्त
(सभी तस्वीरें- हलधर)राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा खरीफ 2026 में मांग अनुसार उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। उर्वरकों की कालाबाजारी, डायवर्जन व जमाखोरी को रोकने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रदेश भर में जिला, उपखण्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर उर्वरक विक्रेताओं, यूरिया के गैर कृषि कार्य में उपयोग करने वाली उत्पादन ईकाईयों यथा प्लाईवुड, रेजिन, डेफ, पशु आहार के परिसरों में सघन निरीक्षण किया जा रहा है एवं अनियमितता पाये जाने पर कठोर कार्यवाही की जा रही है।
कालाबाजारी और जमाखोरों के विरूद्ध अभियान
प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल द्वारा कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड में अंकित सिफारिश के अनुसार ही उर्वरकों के उपयोग हेतु प्रेरित करने, हरी खाद का उपयोग करने, जैविक खेती व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा उर्वरकों का समान रूप से पारदर्शिता के साथ वितरण कराने और उर्वरक वितरण में अनियमितता बरतने वाले विक्रेताओं, जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही हेतु समस्त जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
उर्वरक का करें कम इस्तेमाल
आयुक्त कृषि ने बताया कि समय-समय पर विशेष अभियान चलाये जाकर उर्वरक वितरण में जमाखोरी, कालाबाजारी, यूरिया डायवर्जन सहित अन्य अनियमितता बरतने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जा रही है। आयुक्त कृषि द्वारा राज्य के किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों की बुवाई के समय ही मांग अनुसार उर्वरकों को खरीदें, साथ ही रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करते हुये अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।