देखा-देखी खाद डालना छोड़ें किसान, मिट्टी जांच के बाद ही दें पोषण
(सभी तस्वीरें- हलधर)करनाल। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने करनाल जिले के तरावड़ी से राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ किया। किसान चौपाल में उन्होंने किसानों से सीधा संवाद करते हुए रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से बचने और स्वाइल हेल्थ कार्ड के आधार पर संतुलित खाद देने का आह्वान किया।
चौहान ने कहा कि एक किसान को देखकर दूसरा किसान ज्यादा खाद डालने की होड़ में न पड़े। मिट्टी की जांच के बाद फसल और खेत की जरूरत के मुताबिक ही उर्वरकों का इस्तेमाल किया जाए। इससे खेती की लागत घटने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी लंबे समय तक बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य किसी खाद का विरोध करना नहीं, बल्कि उसके वैज्ञानिक और संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना है।
प्राकृतिक खेती पहले एक एकड़ में आजमाएं
कृषि मंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि तीन या पांच एकड़ जमीन वाले किसान शुरुआत में कम से कम एक एकड़ में पूरी वैज्ञानिक विधि के साथ इसे अपनाएं। जीवामृत, घनजीवामृत और बीजामृत का सही मात्रा और समय पर उपयोग जरूरी है। उन्होंने अपने खेत में प्राकृतिक खेती करने का अनुभव साझा करते हुए कहा कि सही तरीके से की जाए तो प्राकृतिक खेती घाटे का सौदा नहीं है।
पराली प्रबंधन पर हरियाणा की तारीफ
चौहान ने पराली जलाने की घटनाओं में कमी के लिए हरियाणा के किसानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुपर सीडर और अन्य पराली प्रबंधन तकनीकों को अपनाकर किसानों ने पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश की है।
चौपाल में देसी गोवंश संरक्षण, दूध के बेहतर बाजार मूल्य और सेक्स-सॉर्टेड सीमेन तकनीक पर भी चर्चा हुई। चौहान ने कहा कि संतुलित पोषण, प्राकृतिक खेती और उन्नत पशुपालन के जरिए किसानों की लागत घटाने और आमदनी बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, आईसीएआर और एनडीआरआई के वैज्ञानिकों सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।