कम लागत, बेहतर उत्पादन ! RT-372 तिल बीज की किसानों में बढ़ी मांग

नई दिल्ली 04-Jun-2026 03:14 PM

कम लागत, बेहतर उत्पादन ! RT-372 तिल बीज की किसानों में बढ़ी मांग

(सभी तस्वीरें- हलधर)

खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ किसानों के लिए तिल की खेती का बेहतर अवसर सामने आया है। नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन (NSC) किसानों को तिल की उन्नत किस्म RT-372 का बीज उपलब्ध करा रहा है, जो जून माह में बुवाई के लिए बेहद उपयुक्त मानी जा रही है। यह किस्म कम अवधि में तैयार होने के साथ-साथ रोगों के प्रति बेहतर सहनशीलता और अच्छी उपज देने के लिए जानी जाती है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार
RT-372 मुख्य रूप से राजस्थान सहित उत्तर-पश्चिम भारत के क्षेत्रों के लिए विकसित की गई है। यह किस्म 86 से 90 दिनों में पककर तैयार हो जाती है, इसके बीज चमकीले सफेद रंग के होते हैं तथा तेल की मात्रा भी अच्छी पाई गई है। यह किस्म अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट, सर्कोस्पोरा लीफ स्पॉट और बैक्टीरियल लीफ स्पॉट जैसे प्रमुख रोगों के प्रति प्रतिरोधी मानी जाती है। जून-जुलाई में मानसून की शुरुआत के साथ तिल की बुवाई का सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। अच्छी जल निकासी वाली दोमट भूमि में इसकी खेती किसानों को बेहतर लाभ दे सकती है।

कृषि विभाग और बीज एजेंसियों का कहना है
किसान प्रमाणित बीजों का उपयोग करें ताकि अंकुरण, उत्पादन और गुणवत्ता बेहतर रहे। RT-372 के बीज कई सरकारी बीज केंद्रों और अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

किसानों के लिए सलाह
यदि आप इस खरीफ सीजन में कम लागत और कम अवधि वाली तिल की फसल लेना चाहते हैं, तो RT-372 एक लाभदायक विकल्प साबित हो सकती है।


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