भारतीय आम पहुंचे दुबई 12.5 टन डासहरी और लंगड़ा का सफल निर्यात

नई दिल्ली 23-Jul-2026 02:12 PM

भारतीय आम पहुंचे दुबई 12.5 टन डासहरी और लंगड़ा का सफल निर्यात

(सभी तस्वीरें- हलधर)

भारत के ताजे आम निर्यात क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उत्तर प्रदेश के अमरोहा से 12.5 टन प्रीमियम दासहरी और लंगड़ा आम सफलतापूर्वक समुद्र मार्ग से दुबई पहुंच गए हैं। यह पहली व्यावसायिक खेप है जिसने 25 दिन की लंबी यात्रा के बाद भी 90% आमों को अच्छी हालत में पहुंचाया है।

कैसे हुआ निर्यात?

  • 40 फुट के रेफ्रिजरेटर कंटेनर के माध्यम से समुद्री मार्ग से निर्यात।
  • आईसीएआर-सीआईएसएच (लखनऊ) और एपीईडीए द्वारा संयुक्त रूप से विकसित समुद्री मार्ग निर्यात प्रोटोकॉल का उपयोग।
  • खेप शहनाज़ एक्सपोर्ट, अमरोहा द्वारा अत्ताशी ग्लोबल के सहयोग से यूएई के लुलु ग्रुप को निर्यात की गई।

 पूरी यात्रा का टाइमलाइन

  • 22 जून 2026: आमों की तुड़ाई।
  • तुड़ाई के बाद वैज्ञानिक प्रबंधन — मेटवॉश से उपचार, वर्गीकरण, पैकिंग।
  • 17 जुलाई 2026: दुबई पहुंची खेप (पश्चिमी विक्षोभ के कारण देरी)।
  • 25 दिन की पारगमन अवधि के बाद भी 90% आम बिकने लायक हालत में।

किसानों को बड़ा फायदा

  • समुद्री माल ढुलाई हवाई की तुलना में काफी सस्ती।
  • निर्यातकों ने किसानों को अधिक खरीद मूल्य दिया।
  • आम उत्पादकों को प्रति किलोग्राम ₹15-20 की अतिरिक्त आय।
  • कृषि लाभप्रदता में उल्लेखनीय वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय आमों की प्रतिस्पर्धात्मकता बनी रही।

भविष्य की उम्मीदें

  • उत्तर प्रदेश और अन्य आम उत्पादक राज्यों से समुद्री मार्ग से निर्यात को बढ़ावा।
  • खाड़ी देशों और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर।
  • निर्यात आय में वृद्धि, रसद लागत में कमी और आम उत्पादकों की आजीविका में सुधार


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