छोटी जमीन में बड़ी कमाई, किसान गजानंद माली की गेंदा खेती बनी मिसाल 

नई दिल्ली 23-Oct-2026 12:40 PM

छोटी जमीन में बड़ी कमाई, किसान गजानंद माली की गेंदा खेती बनी मिसाल 

(सभी तस्वीरें- हलधर)

कुशलपुरा, सवाईमाधोपुर। खेती के लिए पानी सबसे बड़ी जरूरत मानी जाती है। सिंचाई का साधन नहीं हो तो किसान के सामने फसल बचाना तक मुश्किल हो जाता है। लेकिन, किसान अगर मेहनत, हौसले और सही फसल के चुनाव के साथ खेत में उतरे तो विपरीत परिस्थितियों में भी उम्मीद के फूल खिलाए जा सकते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है किसान गजानंद माली की, जो महज एक बीघा जमीन और सिंचाई का कोई स्थायी साधन नहीं होने के बावजूद गेंदा फूल की खेती कर रहे हैं। इससे सालाना 50-60 हजार रूपए की आमदनी हो जाती है। किसान गजानंद ने हलधर टाइम्स को बताया कि परिवार के पास 1 बीघा जमीन है। इसी जमीन पर परिवार का आर्थिक चक्र घूमता है। उन्होने बताया कि 12वीं पास करने के बाद से खेती कर रहा हॅू। पहले परम्परागत फसलों के उत्पादन तक सीमित था। लेकिन, तीन-चार साल से गेंदा फूल की खेती कर रहा हॅू। इससे आय बढाने में मदद मिली है। बता दें कि यह कहानी इसलिए खास है क्योंकि किसान गजानंद के पास न तो खेती का बड़ा रकबा है और न ही सिंचाई के लिए पर्याप्त संसाधन। इसके बावजूद उन्होंने खेती से मुंह मोडऩे के बजाय अपनी छोटी सी जमीन को ही अपनी मेहनत का आधार बनाया। आज उनके खेत में खिलते गेंदे के फूल इस बात की गवाही दे रहे हैं कि संसाधनों की कमी किसान की राह मुश्किल जरूर कर सकती है। लेकिन, मेहनत और मजबूत इरादे हों तो रास्ते पूरी तरह बंद नहीं होते।

सबसे बड़ी चुनौती पानी

गजानंद माली के पास खेती के लिए करीब एक बीघा जमीन है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि खेत में सिंचाई का कोई स्थायी साधन नहीं है। वहां बिना सिंचाई सुविधा के बागवानी अथवा फूलों की खेती करना आसान नहीं है। उन्होने बताया कि फूल उगाने के लिए पड़ौसी से पानी लेता हॅू।

चुनी अलग राह

छोटे किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीमित जमीन से बेहतर आमदनी लेने की होती है। एक बीघा जैसे छोटे रकबे में केवल परंपरागत फसलों के भरोसे परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करना कठिन हो सकता है। इसी सोच के साथ गजानंद माली ने सामान्य फसलों से अलग हटकर गेंदा फूल की खेती को चुना। गेंदा ऐसा फूल है जिसकी धार्मिक आयोजनों, मंदिरों, शादी-विवाह, त्योहारों और सजावट में मांग रहती है। सही समय पर अच्छी पैदावार और बाजार मिलने पर छोटी जमीन से भी फूलों की खेती किसान के लिए आय का विकल्प बन सकती है। 


ट्रेंडिंग ख़बरें