बारिश में फल बगीचों पर कीटों का हमला, बचाव के आसान उपाय जानें

नई दिल्ली 03-Aug-2026 05:34 PM

बारिश में फल बगीचों पर कीटों का हमला, बचाव के आसान उपाय जानें

(सभी तस्वीरें- हलधर)

वर्षा ऋतु में कीट-रोग का प्रकोप फलदार पौधों में ज्यादा होता है। क्योंकि इस ऋतु में तापमान कम और आर्द्रता अधिक होती है। कीट-रोग के चलते फल की गुणवत्ता में कमी आती है। साथ ही, किसान को बाजार में उत्पाद की उचित कीमत नही मिल पाती है। इस ऋतु में अमरूद, अनार, आम, नींबू, पपीता, आंवला, खजूर, फालसा, कटहल आदि फसल में फलन होता है। आलेख में कीट-रोग नियंत्रण की जानकारी दी गई है।

कीट

  • फल मक्खी : नियंत्रण हेतु डाइमिथोएट 0.03 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर के फल मक्खी के अंडे देने से पूर्व छिड़काव करें। प्रौढ़ को मारने के लिए मिथाइल यूजीनॉल ट्रैप (25 ट्रैप प्रति हेक्टेयर) का प्रयोग करें।

  • अमरूद-आम का छाल भक्षक : कोलतार अथवा केरोसिन 1:2 की पट्टी आधार से 3 फुट ऊंचाई तक बांधे। लोहे के तार से छिद्र को साफ करें। छिद्र में केरोसिन तेल डालकर छिद्र को मिट्टी से बंद करें।

  • नींबू का सिट्रस साइला : थायोमैथाक्साम 0.32 ग्राम प्रति लीटर पानी का छिड़काव कली फूटने के समय करना चाहिए। आवश्यकता होने पर 15 दिन बाद पुनः इस छिड़काव को दोहराया जा सकता है।

  • नींबू की काली-सफेद मक्खी : अत्यधिक सिंचाई और नत्रजन का प्रयोग नहीं करें। इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल 0.5 मिलि प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर कर पर्णीय छिड़काव करें। आवश्यकता होने पर 15 दिन बाद 10 मिलि प्रति लीटर पानी नीम तेल का छिड़काव करें।

  • नींबू की तितली : नियंत्रण के लिए लार्वा को पकड़ कर नष्ट कर दें। 0.1 ग्राम कार्बोराइल प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें।

  • अनार का रसचूसक पतंगा : शाम के समय बगीचे में धुआं करें। जहरीला दाना (95 प्रतिशत शीरा अथवा गुड़ और 5 प्रतिशत मैलाथियान) बनाकर मिट्टी के बड़े बर्तन में रख कर ऊपर बल्ब जला दें। पतंगे प्रकाश की तरफ आकर्षित होंगे और नीचे गिर कर मर जाएंगे।

  • चीकू का पत्ती लपेटक : नियंत्रण हेतु मिथाइल डिमेटान 1 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।


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