बीटी कपास में रस चूसक और तम्बाकू लट का प्रकोप बना रहता है। रस चूसने वाले कीटों में हरा तेला, सफेद मक्खी, थ्रिप्स, माइट और मीलीबग का प्रकोप अधिक होता है। हरा तेला और सफेद मक्खी के निम्फ, वयस्क, पौधे की पत्तियों से रस चूसते हैं। ऐसी पत्तियों के किनारे पीले पड़ जाते हैं और पत्तियां नीचे की तरफ मुड़ जाती हैं। हरे तेले के कारण पत्तियों पर लाल बैंगनी रंग के जले-जले से फफोले बन जाते हैं, जिससे पत्तियां सूखकर नीचे गिर जाती हैं। सफेद मक्खी पत्तियों की निचली सतह से रस चूसती है और शहद जैसा चिपचिपा पदार्थ छोड़ती है, जिसके फलस्वरूप पत्तियों पर लाल कवक उत्पन्न हो जाता है। पत्तियां राख और तेलिया दिखाई देती हैं।
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अनुशंसित खुराक (ग्राम / एमएल / एकड़)
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1-2 वयस्क या निम्फ प्रति पत्ती
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फ्लोनिकामिड 50 डब्ल्यू जी @ 80g / इमिडाक्लोप्रिड 200 एसएल @ 40ml / थियामेथोक्सम 25WG @ 40g
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फ्लोनिकामिड 50 डब्ल्यू जी @ 80g / इमिडाक्लोप्रिड 200 एसएल @ 40ml / थियामेथोक्सम 25WG @ 40g
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10 थ्रिप्स प्रति पत्ती या 15-20 प्रभावित पौधे
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स्पिनेटोरम 12 एससी @ 168 एमएल / फिप्रोनिल 5 एससी @ 600 एमएल / डायफेनथियुरॉन 50 डब्ल्यूपी @ 240 ग्राम / फ्लोनिकामिड 50 डब्ल्यूजी @ 60 ग्राम
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8-10 वयस्क या 20 निम्फ प्रति पत्ती
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डायफेनथियुरॉन 50 डब्ल्यूपी @ 240 ग्राम / स्पिरोमीसिफेन 240 एससी @ 200 मिली / इथियन 50 मिली 800 मिली
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8-10 वयस्क या 20 निम्फ प्रति पत्ती
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प्रोफेनोफॉस 50EC 500 मिली.
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बाइफेंथ्रिन 10EC @ 320ml / फर्मीथ्रिन 200 मिली / लैम्बडासालोथ्रिन 5 सीएस @ 200 मिली
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ऐसे करें नियंत्रण
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इमिडाक्लोप्रिड 200 एसएल, 3 मिली प्रति लीटर पानी अथवा थायोमेथोजाम 25 डब्ल्यू जी, 5 ग्राम प्रति लीटर पानी, एसिटामिप्रिड 20 एसपी, 4 ग्राम प्रति लीटर पानी अथवा थायोक्लोप्रिड 240 एससी 1 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
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कपास कीट नियंत्रण हेतु कभी भी एक कीटनाशी के साथ दूसरे कीटनाशी नहीं मिलाएं। फसल में एक ही रसायन का प्रयोग बार-बार नहीं करें।