फूलगोभी की खेती से बढ़ाएं किसान की कमाई, जानें सही किस्म और विधि
(सभी तस्वीरें- हलधर)फूलगोभी की खेती जयपुर, अजमेर, अलवर, कोटा, जोधपुर और श्रीगंगानगर जिले में की जाती हैं। फूलगोभी में विटामिन बी पर्याप्त मात्रा के साथ-साथ प्रोटीन भी अन्य सब्जियों की तुलना में अधिक पाया जाता है। जिस भूमि का पी.एच. मान 5.5 से 7 के मध्य हो वह फूल गोभी के लिए उपयुक्त मानी गई है। मध्यकालीन गोभी बुवाई का अभी उचित समय चल रहा हैं।
ऐसे तैयार करें पौधे
क्यारी- 0.75 मीटर चौड़ी, 5 -10 मीटर लम्बी, 15 -20 सेमी ऊंची। 2 क्यारी में दूरी 50-60 सेमी
उर्वरक- 5 किलो ग्राम गोबर खाद, 10 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश, 5 किलो यूरिया प्रति वर्ग मीटर, पौध 2.5 से 5 सेन्टीमीटर दूरी पर कतार में डालना चाहिए। क्यारी में बीज बुवाई के बाद सड़ी गोबर की खाद से बीज को ढक देना चाहिए। इसके 1 से 2 दिन बाद नाली में पानी देना चाहिए अथवा झारे से पानी देना चाहिए।
बीज : बीज दर- 450-500 ग्राम प्रति हैक्टेयर
बीजोपचार : पहले 2-3 ग्राम कैप्टॉन प्रति किलोग्राम बीज।
मध्यम किस्म
चालू माह में बुवाई कर सकते हैं। पौध से पौध की दूरी-50 सेमी कतार से कतार की दूरी-50 सेमी
पछेती फसल
अक्टूबर-नवम्बर मध्य में पौध तैयार कर खेत में रोपाई करनी चाहिए। पौध से पौध की दूरी- 60 सेमी और कतार से कतार की दूरी- 60 सेमी. रखनी चाहिए।