फूलगोभी की खेती से बढ़ाएं किसान की कमाई, जानें सही किस्म और विधि 

नई दिल्ली 09-Sep-2026 03:55 PM

फूलगोभी की खेती से बढ़ाएं किसान की कमाई, जानें सही किस्म और विधि 

(सभी तस्वीरें- हलधर)

फूलगोभी की खेती जयपुर, अजमेर, अलवर, कोटा, जोधपुर और श्रीगंगानगर जिले में की जाती हैं। फूलगोभी में विटामिन बी पर्याप्त मात्रा के साथ-साथ प्रोटीन भी अन्य सब्जियों की तुलना में अधिक पाया जाता है। जिस भूमि का पी.एच. मान 5.5 से 7 के मध्य हो वह फूल गोभी के लिए उपयुक्त मानी गई है। मध्यकालीन गोभी बुवाई का अभी उचित समय चल रहा हैं।

  • तापमान- 29-31 डिग्री सेल्सियस
  • खेत की तैयारी - पलेवा करके 2 जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से।
  • मध्यम किस्म : पन्त शुभ्रा, इम्प्रूव्ड जापानीज, हिसार-114, एस-1, नरेन्द्र गोभी 1, पंजाब जॉइंट, अर्ली स्नोबाल, पूसा हाइब्रिड -2, पूसा अगहनी और पटना मध्यम।
  • पछेती प्रजातिः स्नोबाल- 16, पूसा स्नोबाल -1, 2, पूसा के -1, दनिया, स्नोकिंग, पूसा सेन्थेटिक, विश्व भारती, बनारसी मागी, जॉइंट स्नोबाल इसके अलावा निजी बीज प्रदाता कंपनियाँ भी किसान को बीज उपलब्ध करवा रही हैं। गुणधर्म और अपने विवेक के अनुसार बीज खरीद सकते हैं।

ऐसे तैयार करें पौधे

क्यारी- 0.75 मीटर चौड़ी, 5 -10 मीटर लम्बी, 15 -20 सेमी ऊंची। 2 क्यारी में दूरी 50-60 सेमी

उर्वरक- 5 किलो ग्राम गोबर खाद, 10 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश, 5 किलो यूरिया प्रति वर्ग मीटर, पौध 2.5 से 5 सेन्टीमीटर दूरी पर कतार में डालना चाहिए। क्यारी में बीज बुवाई के बाद सड़ी गोबर की खाद से बीज को ढक देना चाहिए। इसके 1 से 2 दिन बाद नाली में पानी देना चाहिए अथवा झारे से पानी देना चाहिए।

बीज : बीज दर- 450-500 ग्राम प्रति हैक्टेयर

बीजोपचार : पहले 2-3 ग्राम कैप्टॉन प्रति किलोग्राम बीज।

मध्यम किस्म

चालू माह में बुवाई कर सकते हैं। पौध से पौध की दूरी-50 सेमी कतार से कतार की दूरी-50 सेमी

पछेती फसल

अक्टूबर-नवम्बर मध्य में पौध तैयार कर खेत में रोपाई करनी चाहिए। पौध से पौध की दूरी- 60 सेमी और कतार से कतार की दूरी- 60 सेमी. रखनी चाहिए।

 


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