गेहूँ में करनाल बंट व अन्य रोग: लक्षण, दवा और नियंत्रण उपाय

नई दिल्ली 04-Feb-2026 04:04 PM

गेहूँ में करनाल बंट व अन्य रोग: लक्षण, दवा और नियंत्रण उपाय

(सभी तस्वीरें- हलधर)

  1. करनाल बंट: गेहूँ की फसल में करनाल बंट रोग का प्रकोप दिखाई देने पर बाली आने की अवस्था पर प्रोपीकोनाजोल 25 प्रतिशत ई.सी. का 0.1 प्रतिशत (एक मिली. प्रति लीटर पानी) के घोल का छिड़काव करें। छिड़काव 15 दिन बाद पुनः दोहरावें।
  2. अनावृत- पत्ती कण्डवा: अनावृत कण्डवा और पत्ती कण्डवा रोग के लक्षण दिखाई देने पर रोग-ग्रस्त बालियों वाले पौधे को उखाड़ कर जला देवें। जिससे रोग का फैलाव न हों।
  3. झुलसा और पत्ती धब्बा: रोग के लक्षण दिखाई देने पर रोकथाम के लिए मैंन्कोजेब 75 डब्लू पी 2 किलो अथवा कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत 3 किलो प्रति हैक्टेयर की दर से घोल का छिड़काव 3-4 बार करें।
  4. रोली: रोग के लक्षण दिखाई देने पर रोकथाम के लिए 25 किलो गंधक चूर्ण का प्रति हैक्टेयर की दर से 15 दिन के अन्तराल पर 2-3 बार सुबह या शाम के समय भुरकाव करें। अथवा मैंन्कोजेब 75 डब्लू पी 2 किलो की दर से घोल का छिड़काव करें।


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