लोबिया की उन्नत खेती: बीज से कटाई तक संपूर्ण जानकारी
(सभी तस्वीरें- हलधर)लोबिया की वैज्ञानिक खेती
लोबिया की खेती के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु उपयुक्त है। तापमान 24-27 डिग्री से.ग्रे. के बीच ठीक रहता है। सभी प्रकार की भूमि में इसकी खेती की जा सकती है। मिट्टी का पी.एच. मान 5.5 से 6.5 उचित है। भूमि में जल निकास का उचित प्रबंध होना चाहिए। क्षारीय भूमि इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है। प्रदेश में मुख्यतया इसकी खेती जयपुर, झुन्झुनूं, नागौर और सीकर सहित दूसरे जिलों में की जाती है।
उन्नत किस्म:-
पूसा कोमल, अर्का गरिमा, पूसा बरसाती, पूसा फाल्गुनी, पूसा दो फसली, पूसा सुकोमल, सी-152, आरएस-9, एफएस-68, आरसी-19, आरसी-101। निजी कंपनियों का भी बीज बाजार में उपलब्ध है। किसान अपने स्वविवेक से खरीदें। पक्का बिल जरूर लें।
बीज दर: 15-20 किग्रा. प्रति हैं.
बुवाई समय: जून अंत से जुलाई माह
बुवाई की दूरी
पंक्ति से पंक्ति की दूरी: 45-60 सेंमी
पौध से पौध की दूरी: 10 सेंमी.
बेलदार किस्मों के लिए
पंक्ति से पंक्ति की दूरी: 80-90 सेंमी
बीजोपचार: बुवाई से पहले बीज का राइजोबियम नामक जीवाणु से उपचार कर लेना चाहिए।
उर्वरक और खाद: गोबर अथवा कम्पोस्ट की 20-25 टन मात्रा बुवाई से 1 माह पहले खेत में डाल दें। नत्रजन की 20 किलोग्राम, फास्फोरस 60 किलोग्राम तथा पोटाश 50 किलोग्राम/हेक्टेयर अंतिम जुताई के समय मिट्टी में मिला दें।