किसान जानें सरसों की सबसे उपयुक्त किस्में, बुवाई समय अनुसार करें चुनाव 

नई दिल्ली 24-Sep-2026 11:48 AM

किसान जानें सरसों की सबसे उपयुक्त किस्में, बुवाई समय अनुसार करें चुनाव 

(सभी तस्वीरें- हलधर)

अच्छी फसल लेने के लिए, उचित किस्म का चुनाव एक अति महत्वपूर्ण कदम है। जहां तक सरसों की सबसे अच्छी किस्म का सवाल है तो कोई भी एक किस्म सभी परिस्थितियों में एक जैसा उत्पादन नहीं देती है। किस्मों कि उत्पादन क्षमता, जलवायु, भूमि, अपनायी गयी वैज्ञानिक तकनीकों आदि कई कारकों पर निर्भर करती हैं। सरसों की किस्मों को विभिन्न प्रमुख परिस्थितियों जैसे अगेती, सामान्य समय और देर से बुवाई वाले सिंचित, बारानी, लवणीय-क्षारीय क्षेत्रों में पैदावार के लिए अनुशंसित किया गया है। किसान को अपने क्षेत्र की जलवायु, भूमि का प्रकार, सिंचाई की उपलब्धता, मिट्टी और बुवाई के समय आदि के आधार पर उचित किस्मों का चयन करना चाहिए; ताकि, सरसों के उत्पादन में वृद्धि करके अधिक लाभ कमा सके। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखें कि किस्मों की औसत उपज, तेल अंश, परिपक्वता आदि प्राप्त करने के लिए अन्य उन्नत तकनीकों को भी अपनाना आवश्यक है।

सरसों की किस्मों की तालिका 

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सिंचित व समय से बुवाई के लिए

गिरिराज, बीपीएम-1825, आरएच-1975, आरएच-749, पीएम-37 और संकर सरसों में एनआरसीएचबी-506, आरएचएच-1 उपयुक्त किस्में हैं।

असिंचित क्षेत्र

डीआरएमआर-1165-40ए, आरएच-1424, आरएच-725, आरएच-761, आरएच-406, आरजीएन-298 उपयुक्त किस्में हैं।

लवणीय-क्षारीय भूमि हैं

सीएस-58, सीएस-60 उपयुक्त किस्में हैं।

अगेती बुवाई के लिये

पीएम-25, पीएम-28ए, पूसा तारक, पीआर-2006-1 उपयुक्त किस्में हैं।

देर से बुवाई के लिये

बृजराज, राधिका, बीपीएम-11, एनआरसीएचबी-101, आरजीएन-236, आरवीएम-2 उपयुक्त किस्में हैं।

गुणवत्ता वाली सरसों

पीएम-32, पीएम-34, आरएच-1706 (0 जीरो क्वालिटी), पीएम-31, पीएम-33, पीडीजेडएम-35, पीडीजेडएम-36 (00 जीरो क्वालिटी) उपयुक्त किस्में हैं।

बीज पखवाड़ा: भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान द्वारा किसानों को प्रचलित उन्नत किस्मों का बीज उपलब्ध करवाने के लिये इस वर्ष 16 सितम्बर से बीज पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। वर्तमान में संस्थान पर डीआरएमआरआईजे-31 (गिरिराज), डीआरएमआर-1165-40, बीपीएम-11, बीपीएम-1825, डीआरएमआर-150-35, बृजराज, राधिका, एनआरसीएचबी-101 आदि का बीज उपलब्ध है जिसे व्यक्ति गत रूप से उपस्थित होकर निर्धारित मूल्य पर कोई भी प्राप्त कर सकता है।

-डॉ. अशोक कुमार शर्मा, भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान, भरतपुर


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