सीताफल में स्केल कीटों ने बना लिया है घर, जानिए छुटकारा पाने का हल
(सभी तस्वीरें- हलधर)सीताफल में स्केल कीट एक गंभीर समस्या है। ये छोटे, चपटे और ढाल जैसे दिखने वाले कीट होते हैं जो फल, तने और पत्तियों का रस चूसते हैं। जिससे फल की गुणवत्ता खराब होने लगती है। अगर आपकी सीताफल की खेती कर रहे हैं तो इन तरीकों से फसलों का ध्यान रखा जा सकता है।
कैसे करें पहचान
ये कीट फल के छिलके की दरारों में सफेद या भूरे रंग के चिपचिपे धब्बों की तरह जमकर फलों का रस चूस लेते हैं, जिससे फल सख्त हो जाता है और समय से पहले गिर सकता है। ये कीट एक मीठा पदार्थ छोड़ते हैं, जिस पर काली फफूंद जम जाती है, जिससे फल और पत्तियां काली दिखाई देने लगती हैं।
जैविक और यांत्रिक नियंत्रण
यदि कीट कम मात्रा में हैं, तो टूथब्रश या पुराने कपड़े से इन्हें रगड़कर हटा लें, फिर इसमें 5 मिली नीम का तेल प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। अगर टहनियां ज्यादा ग्रस्त हो गई हैं तो इन्हें काटकर जला दें।
रासायनिक नियंत्रण
बचाव के उपाय
छिड़काव करते समय फल के जोड़ों और छिलके की दरारों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि कीट वहीं छिपे रहते हैं। साथ ही, साल में एक बार कटाई-छंटाई जरूर करें ताकि पेड़ के अंदर तक धूप और हवा पहुंच सके। अंधेरे और नमी वाले स्थानों पर स्केल कीट तेजी से पनपते हैं।