सुवा में छाछ्या रोग पर नियंत्रण के लिए करें ये उपाय
(सभी तस्वीरें- हलधर)यह रोग ‘इरीसाईफी पोलीगोनी’ नामक कवक से होता है। इस रोग के लगने की प्रारम्भिक अवस्था में पौधों की पत्तियों और टहनियों में सफेद चूर्ण नज़र आता है। रोग ग्रसित पौधों पर बीज नहीं बनते अथवा बहुत कम और छोटे आकार के बनते हैं। जिससे उत्पादन और गुणवत्ता निम्न स्तर की हो जाती है।
नियन्त्रण: रोग नियंत्रण के लिए फसल पर घुलनशील गंधक 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के घोल का छिड़काव करें अथवा 20-25 किलो प्रति हैक्टेयर गंधक चूर्ण का भुरकाव करें अथवा केराथेन एलसी 1 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
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