पंच गौरव योजना: एक जिला–एक उपज को मिला नया प्रोत्साहन
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। राजस्थान में पंच गौरव योजना के अंतर्गत आंवला उत्पादन, मूल्य संवर्धन और किसानों को सशक्त बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में जिला स्तरीय आंवला क्रेता–विक्रेता सम्मेलन एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में संपन्न हुआ।
700 से अधिक किसानों और उद्यमियों की सहभागिता
सम्मेलन में जयपुर एवं आसपास के क्षेत्रों से 700 से अधिक किसान, एफपीओ प्रतिनिधि, व्यापारी, प्रसंस्करण इकाइयों के संचालक तथा कृषि उद्यमी शामिल हुए। इस आयोजन ने आंवला उत्पादकों को सीधे खरीदारों से संवाद का मंच प्रदान किया, जिससे विपणन के नए अवसर खुले।
आधुनिक तकनीक और ब्रांडिंग पर जोर
कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी एवं कृषि आयुक्त शुभम चौधरी ने किसानों से संवाद किया। उन्होंने आंवला उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक तकनीकों को अपनाने, प्रसंस्करण एवं ब्रांडिंग पर ध्यान देने तथा बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्ता उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।
पंच गौरव उपजों की आकर्षक प्रदर्शनी
मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि सम्मेलन में जयपुर जिले की पंच गौरव उपजों की प्रदर्शनी लगाई गई। स्टॉलों पर पारंपरिक कृषि उत्पादों के साथ उनके मूल्यवर्धित स्वरूप का प्रदर्शन किया गया, जिससे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार विस्तार को बढ़ावा मिला।
आंवला उत्पादों और नवाचारों का प्रदर्शन
उपनिदेशक उद्यान हरलाल सिंह बिजारनियां ने जानकारी दी कि प्रदर्शनी में आंवले से निर्मित मुरब्बा, कैंडी, जूस, चूर्ण एवं औषधीय उत्पादों के साथ आधुनिक कृषि उपकरण, प्रसंस्करण तकनीक, पैकेजिंग, भंडारण एवं गुणवत्ता संवर्धन से जुड़े नवाचार प्रदर्शित किए गए। साथ ही जिले में आंवला उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
विशेषज्ञों ने दी वैज्ञानिक जानकारी
कार्यक्रम में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. योगेश कुमार शर्मा, सेवानिवृत्त प्रोफेसर बी.डी. यादव, सहायक निदेशक राम सिंह शेखावत व कृषि अधिकारी सांवरमल यादव ने आंवले की उन्नत कृषि पद्धतियों, पोषक गुणों एवं उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी और किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
लघु फिल्म का प्रदर्शन, अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर उद्यानिकी विभाग द्वारा आंवला उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन संभावनाओं पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसे किसानों ने सराहा। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री मुकेश कुमार मूंड सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों की आय वृद्धि की दिशा में अहम पहल
यह सम्मेलन किसानों की आय बढ़ाने, कृषि आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और जयपुर जिले को मूल्य संवर्धन एवं कृषि नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।