कृषि वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को दी आय बढ़ाने की सलाह 

नई दिल्ली 25-Mar-2026 12:53 PM

कृषि वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को दी आय बढ़ाने की सलाह 

(सभी तस्वीरें- हलधर)

राजस्थान के कोटा जिले स्थित यांत्रिक कृषि फार्म उम्मेदगंज द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र, बोरखेड़ा स्थित कृषि विश्वविद्यालय परिसर में “जायद में दलहनी फसलों का उन्नत बीज उत्पादन तकनीक” विषय पर आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।

आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कोटा कृषि विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. विमला डूंकवाल ने किसानों से आह्वान किया कि दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुसार खेती में नवाचार और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर ही उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि संभव है।

जायद में मूंग की खेती से बढ़ेगी आय

विशिष्ट अतिथि निदेशक प्रसार डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि जायद मौसम में उन्नत किस्म के मूंग बीज का उपयोग कर किसान बेहतर उत्पादन ले सकते हैं। उन्होंने सरकारी योजनाओं के माध्यम से सिंचाई सुविधाओं का लाभ उठाकर अधिक मुनाफा कमाने की सलाह दी।

शोध और परीक्षण परियोजना की जानकारी

कार्यक्रम में यांत्रिक कृषि फार्म के प्रभारी डॉ. अर्जुन कुमार वर्मा ने बताया कि इस परियोजना के तहत खरीफ फसलों की विभिन्न प्रजातियों का जायद मौसम में परीक्षण किया जा रहा है। यह प्रयास बदलती जलवायु परिस्थितियों में बीज उत्पादन के नए विकल्प प्रदान करेगा।

विशेषज्ञों ने दी तकनीकी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने उन्नत बीज उत्पादन, समन्वित कीट प्रबंधन, पादप संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में 25 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। साथ ही प्रतिभागियों को बैटरी संचालित स्प्रे मशीन वितरित की गई और एक तकनीकी फोल्डर का विमोचन भी किया गया।

निरंतर वैज्ञानिक संपर्क रखने की सलाह

कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे नवीनतम कृषि तकनीकों के लिए वैज्ञानिकों से लगातार संपर्क में रहें, जिससे खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

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