केंद्रीय कृषि मंत्री ने लोकसभा में किसानों को लेकर कही ये बड़ी बातें
(सभी तस्वीरें- हलधर)केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंगलवार को लोकसभा में कहा कि केंद्र सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की हर घड़ी में सरकार अन्नदाता के साथ खड़ी है और राहत देने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। लोकसभा में सांसदों द्वारा पूछे गए अलग-अलग प्रश्नों के उत्तर देते हुए चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उनके हितों की रक्षा के लिए वर्तमान सरकार ने बीते वर्षों में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
MSP और योजनाओं से किसानों को मिला सुरक्षा कवच
केंद्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर रिकॉर्ड खरीदी की है। साथ ही PM-आशा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, भावांतर भुगतान योजना और मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के जरिए किसानों को मजबूत सुरक्षा कवच दिया गया है, जिससे उनकी आय में स्थिरता आई है।
कृषि उत्पादन और आय में बढ़ोतरी का दावा
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बीते वर्षों में कृषि उत्पादन में करीब 44% की वृद्धि हुई है। सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप लागत पर 50% लाभ जोड़कर MSP तय करने की नीति को भी लागू करने का दावा किया।
रिकॉर्ड खरीद और दाम गिरने पर हस्तक्षेप
केंद्रीय मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि केवल MSP घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस पर वास्तविक खरीद जरूरी है। सरकार ने गेहूं, धान, दलहन और तिलहन सहित कई फसलों की MSP पर रिकॉर्ड खरीद की है। साथ ही फल और सब्जियों के दाम गिरने पर भी सरकार सक्रिय हस्तक्षेप कर रही है।
PM-आशा और भावांतर योजना से राहत
चौहान ने बताया कि PM-आशा योजना के तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम, मूल्य अंतर भुगतान और अन्य उपायों से किसानों को संरक्षण दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश में भावांतर योजना के जरिए किसानों को सीधे खातों में राशि देकर नुकसान की भरपाई की जा रही है।
फसल बीमा और तकनीक का बढ़ता उपयोग
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बड़े स्तर पर मुआवजा मिला है। उन्होंने बताया कि किसानों ने 36,055 करोड़ रुपए का प्रीमियम जमा किया, जिसके बदले करीब 1.92 लाख करोड़ रुपए का दावा भुगतान किया गया। अब सैटेलाइट आधारित तकनीक से फसल नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
सरकार का दावा-हर किसान तक पहुंचेगी राहत
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य एजेंसियां मिलकर खरीद केंद्रों का विस्तार कर रही हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार हर किसान तक त्वरित राहत और उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसान हित सर्वोच्च प्राथमिकता है।