उर्वरक की कालाबाजारी पर कृषि विभाग सख्त, उर्वरक विक्रेता के लाइसेंस किए जब्त
उर्वरक की कालाबाजारी पर कृषि विभाग सख्त, उर्वरक विक्रेता के लाइसेंस किए जब्त
(सभी तस्वीरें- हलधर)यूरिया की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत कृषि विभाग की टीम ने विभिन्न उर्वरक विक्रेताओं एवं संस्थाओं का औचाक निरीक्षण किया गया।
लाइसेंस किए जब्त
चित्तौड़गढ़ में कृषि अधिकारी कपासन हीरालाल सालवी और प्रशांत कुमार जाटोलिया द्वारा मैसर्स अंकित फर्टिलाइजर्स, डिंडोली के विक्रय परिसर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रतिष्ठान पर मूल्य सूची एवं स्टॉक रजिस्टर निर्धारित प्रारुप नहीं पाए गए। साथ ही, स्टॉक रजिस्टर प्रधिकृत अधिकारी से प्रमाणित नहीं था और विक्रय किए गए उर्वरकों का रिकॉर्ड भी संधारित नहीं किया गया था। मौके पर मौजूद उर्वरक स्टॉक में भी अंतर मिला।
इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कृषि अधिकारी हीरालाल सालवी द्वारा प्रतिष्ठान के उर्वरक लाइसेंस के निलंबन की अनुशंसा की गई। अनुशंसा के आधार पर मैसर्स अंकित फर्टिलाइजर्स, डिंडोली (राशमी) का उर्वरक अनुज्ञापत्र निलंबित कर दिया गया।
कारण बताओ नोटिस जारी
इसी क्रम में कृषि अधिकारी मिशन चित्तौड़गढ़ रामजस खटीक द्वारा ग्राम सेवा सहकारी समिति पांडोली का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मूल्य सूची एवं स्टॉक रजिस्टर निर्धारित प्रारूप में नहीं पाए जाने तथा विक्रय किए गए उर्वरकों का रिकॉर्ड संधारित नहीं होने पर समिति को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. शंकर लाल जाट ने जिले के कृषकों से अपील की है कि वे आवश्यकता अनुसार ही उर्वरकों की खरीद करें और फालतू भंडारण से बचें।