भारतीय स्टार्टअप्स की ग्लोबल उड़ान दुनिया भर में बेच रहे आम, मिलेट्स और जामुन का जूस
भारतीय स्टार्टअप्स की ग्लोबल उड़ान दुनिया भर में बेच रहे आम, मिलेट्स और जामुन का जूस
(सभी तस्वीरें- हलधर)भारत के कृषि उत्पाद अब दुनिया के बाजारों में नई पहचान बना रहे हैं। Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (एपीडा) के 'भारती' प्रोग्राम ने महज तीन महीनों में शानदार नतीजे दिए हैं। इस पहल के जरिए भारतीय स्टार्टअप्स ने बिहार के मशहूर जर्दालू आम, कर्नाटक के मिलेट्स प्रोडक्ट्स और महाराष्ट्र के जामुन-अंजीर के जूस को अमेरिका, यूएई, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन जैसे देशों तक पहुंचा दिया है।
दो एग्री-टेक स्टार्टअप्स ने बिहार के करीब 37 मीट्रिक टन जर्दालू आम दुबई भेजे, जबकि एक अन्य स्टार्टअप ने सिंगापुर में 5 मीट्रिक टन आम का निर्यात किया। वहीं, कर्नाटक के स्टार्टअप्स ने पहली बार समुद्री रास्ते से मिलेट्स उत्पाद न्यूजीलैंड भेजकर नई मिसाल कायम की है। महाराष्ट्र की एक कंपनी ने अमेरिका और ब्रिटेन में अंजीर और जामुन का जूस एक्सपोर्ट कर दोबारा बड़े ऑर्डर भी हासिल किए हैं।
इस प्रोग्राम के लिए देशभर से 700 से ज्यादा स्टार्टअप्स ने आवेदन किया था, जिनमें से 22 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 100 स्टार्टअप्स का चयन हुआ। चुने गए स्टार्टअप्स को 120 घंटे की विशेष ट्रेनिंग दी गई, जिसमें उन्हें पैकेजिंग, ब्रांडिंग, अंतरराष्ट्रीय नियमों और विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने की बारीकियां सिखाई गईं। प्रोग्राम के टॉप-8 स्टार्टअप्स को Gulfood 2026 में भाग लेने का मौका मिला, जहां उन्होंने दुनिया भर के खरीदारों के साथ 100 से अधिक बिजनेस मीटिंग्स कीं। एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव के मुताबिक, यह पहल देश के युवाओं और किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक कृषि निर्यात को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाना है और 'भारती' प्रोग्राम इस लक्ष्य को हासिल करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है।