खरीफ में मांग से ज्यादा उर्वरक, रबी में भी पर्याप्त आपूर्ति का दावा

नई दिल्ली 10-Oct-2026 05:44 PM

खरीफ में मांग से ज्यादा उर्वरक, रबी में भी पर्याप्त आपूर्ति का दावा

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर! राजस्थान में रबी सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने किसानों को आश्वस्त किया है कि मांग के अनुरूप डीएपी और यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन-2026 में प्रदेश को मांग से अधिक उर्वरक उपलब्ध कराए गए और रबी में भी केंद्र सरकार से लगातार आपूर्ति मिल रही है। हालांकि, मौजूदा साप्ताहिक खपत के आधार पर प्रदेश में डीएपी का करीब 18 दिन और यूरिया का 35 दिन का स्टॉक उपलब्ध है।

कृषि मंत्री के अनुसार, खरीफ सीजन में 5.10 लाख मीट्रिक टन डीएपी की मांग के मुकाबले 5.44 लाख 995 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया गया। वहीं, यूरिया की 11 लाख मीट्रिक टन मांग के विरुद्ध 17.15 लाख 814 मीट्रिक टन की आपूर्ति हुई। सरकार का कहना है कि रबी सीजन में भी किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

डीएपी के 14 रैक रास्ते में, 14 अक्टूबर तक मिलने की उम्मीद

कृषि मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 1 लाख 5 हजार 584 मीट्रिक टन डीएपी और 3 लाख 63 हजार 969 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त डीएपी के 14 रैक, जिनमें करीब 35 हजार मीट्रिक टन उर्वरक है, परिवहन में हैं। इनके 14 अक्टूबर तक उपलब्ध होने की संभावना है। सरकार का दावा है कि केंद्र से निरंतर आपूर्ति के जरिए रबी सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखी जाएगी।

11,770 दुकानों का निरीक्षण, 25 मामलों में एफआईआर

उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध डायवर्जन और अन्य अनियमितताओं पर कार्रवाई के आंकड़े भी कृषि विभाग ने जारी किए हैं। कृषि मंत्री के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 11,770 उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया तथा 9,585 नमूने लिए गए। अनियमितताओं के मामलों में 1,238 फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

इसके अलावा 64 उर्वरक विक्रेताओं के विक्रय पर रोक लगाई गई, जबकि 128 फर्मों के उर्वरक प्राधिकार पत्र निलंबित या निरस्त किए गए। विभाग ने 25 व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और 11 गिरफ्तारियां भी की गईं।

हर जिले में कंट्रोल रूम, जबरन टैगिंग पर रोक

कृषि मंत्री ने कहा कि उर्वरकों की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों को उर्वरकों की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों पर नैनो डीएपी और नैनो यूरिया खरीदने का दबाव नहीं बनाया जा रहा है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार इनका उपयोग कर सकते हैं। साथ ही उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग पर रोक लगाने तथा कृषि विभाग के कार्मिकों की मौजूदगी में वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने किसानों के हितों को प्राथमिकता देने और वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने की बात कही है।


ट्रेंडिंग ख़बरें