3 महीने तक सूखे का खतरा! लेकिन 2 सिस्टम बचा सकते हैं भारत का मानसून

नई दिल्ली 03-Jun-2026 11:58 AM

3 महीने तक सूखे का खतरा! लेकिन 2 सिस्टम बचा सकते हैं भारत का मानसून

(सभी तस्वीरें- हलधर)

संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी (WMO) ने चेतावनी दी है कि जून से अगस्त के बीच अल नीनो बनने की संभावना 80% तक है। इसके चलते भारत समेत दुनिया के कई देशों में सूखा, बाढ़, हीटवेव और मौसम की अन्य चरम घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नवंबर तक अल नीनो के बने रहने की संभावना 90% से ज्यादा है। हालांकि, भारत के लिए राहत की बात यह है कि इंडियन ओशन डायपोल (IOD) और मैडेन-जूलियन ऑस्सिलेशन (MJO) जैसे दो मजबूत मौसमीय सिस्टम मानसून को सहारा दे सकते हैं।

क्या है अल नीनो?

जब प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है, तो उसे अल नीनो कहा जाता है। इससे दुनियाभर के मौसम के पैटर्न बदल जाते हैं और कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बन सकती है।

भारत में क्यों है उम्मीद?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि IOD और MJO सक्रिय रहते हैं तो वे अल नीनो के असर को काफी हद तक कम कर सकते हैं और देश में अच्छी बारिश होने की संभावना बनी रह सकती है।

कृषि मंत्रालय ने राज्यों को किया अलर्ट

संभावित कमजोर मानसून को देखते हुए कृषि मंत्रालय ने सभी राज्यों और संबंधित एजेंसियों को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों तक मौसम और खेती से जुड़ी जानकारी तेजी से पहुंचाने के लिए डिजिटल और कॉल सेंटर सेवाओं को मजबूत किया जाए।

समुद्र का बढ़ता तापमान चिंता का कारण

WMO के अनुसार, समुद्र की सतह के नीचे का पानी सामान्य से करीब 6 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म पाया गया है। यही अतिरिक्त गर्मी अल नीनो को और मजबूत बना सकती है।

सरकारों को तैयारी की सलाह

WMO ने भारत सहित प्रभावित देशों से कहा है कि वे कृषि, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्रों में पहले से तैयारी करें। समय पर चेतावनी और बेहतर योजना से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

फिलहाल विशेषज्ञों की नजर IOD और MJO पर टिकी है, क्योंकि यही दो सिस्टम इस साल भारत के मानसून को कमजोर पड़ने से बचा सकते हैं।


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