मुर्गीपालन को व्यवसाय के रूप में अपनाये किसान
(सभी तस्वीरें- हलधर)भीलवाड़ा। कृषि विज्ञान केन्द्र पर राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबन्धन अकादमी, हैदराबाद द्वारा प्रायोजित अनुसूचित जाति उपयोजनान्र्तगत मुर्गीपालन पर पाँच दिवसीय कौशल प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में नार्म हैदराबाद की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. बी. निर्मला ने कहा कि मुर्गीपालन को व्यवसाय के रूप में अपनाकर किसान अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते है। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हे। ेकेन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सीएम यादव ने मुर्गियों की उन्नत नस्लें, मुर्गियों का आहार-आवास की जानकारी दी। वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता डॉ. लालचन्द कुमावत ने मुर्गीपालन व्यवसाय करने हेतु बाजार मांग और विपणन की प्रमुख जानकारी दी। प्रशिक्षण में मुर्गियों का स्वास्थ्य प्रबन्धन, इन्क्युबेटर, हेचिंग एवं केज प्रणाली की तकनीकी की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्रतापधन नस्ल के 20-20 चूजे एवं फीडर नि:शुल्क उपलब्ध करवाये गये।