पशुपालन को मिलेगी मजबूती : 6 नाइट्रोजन परिवहन वाहनों को मिली हरी झंड।
पशुपालन को मिलेगी मजबूती : 6 नाइट्रोजन परिवहन वाहनों को मिली हरी झंड।
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर, 27 अप्रैल। राजस्थान में पशुपालन क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं मत्स्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीतारामजी भाले ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पशुपालन को रोजगार का मजबूत माध्यम बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार की नीतियों और समर्पित प्रयासों के चलते आज लाखों लोगों को कृषि और पशुपालन से रोजगार मिल रहा है।
6 जिलों को मिली नई सौगात
सोमवार को राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के तत्वावधान में 6 तरल नाइट्रोजन परिवहन वाहनों को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने वाहनों का निरीक्षण भी किया।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन से मिला बल
भाले ने बताया कि केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत 100% वित्त पोषण से इन वाहनों की व्यवस्था की जा रही है, जिससे तरल नाइट्रोजन के वितरण को और अधिक सुगम व मजबूत बनाया जा सके। इससे पहले भी 20 जिलों को ऐसे वाहन उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
कृत्रिम गर्भाधान को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने कहा कि तरल नाइट्रोजन कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों के लिए बेहद जरूरी है। इसकी सुरक्षित और समयबद्ध आपूर्ति से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
इन जिलों के लिए रवाना हुए वाहन
ये वाहन अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, सलूम्बर, फलौदी और जैसलमेर जिलों के लिए रवाना किए गए हैं।
कार्यक्रम में रहे ये अधिकारी मौजूद
इस मौके पर पशुपालन विभाग के निदेशक एवं राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के सीईओ डॉ. सुरेशचंद मीणा, अतिरिक्त निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. जुगलकिशोर मिश्रा, डॉ. लक्ष्मण राव तथा आरएलडीबी के प्रबंधक डॉ. प्रीतपाल कालरा सहित विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। यह पहल राज्य में पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।